कर्नाटक में स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध
जंक फूड पर रोक का आदेश
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
विभाग ने एक सलाह जारी की है जिसमें कहा गया है कि स्कूलों और कॉलेजों के 50 मीटर के दायरे में उच्च वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।
जुलाई में 134 स्कूलों और कॉलेजों के आसपास की गई जांच के बाद 24 जुलाई को यह सलाह जारी की गई। इस जांच में स्कूलों में मिलने वाले खाद्य पदार्थों को भी शामिल किया गया, क्योंकि यह पाया गया कि कई स्थानों पर बच्चों के लिए बनाए गए खाने में मैदे की ब्रेड, पास्ता और डिब्बाबंद स्नैक्स का अत्यधिक उपयोग हो रहा था।
विभाग ने बताया कि जांच के दौरान खाद्य गुणवत्ता, सफाई, समाप्ति तिथि पार कर चुके सामान की बिक्री और खाद्य सुरक्षा कानून के अनुपालन की समीक्षा की गई। कई दुकानदार स्कूलों के पास खराब गुणवत्ता का खाना बेचते पाए गए। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसे सामानों की बिक्री रोकी जाए और स्वस्थ खाद्य विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए।
जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल-कॉलेज के मालिकों और दुकानदारों के साथ मिलकर समय-समय पर जांच करें और जागरूकता अभियान चलाकर इसे पूरे राज्य में लागू करें।
विभाग ने स्कूलों के पास की दुकानों के लिए सरकारी लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किया जाएगा, लाइसेंस रद्द किया जाएगा, सामान जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह सलाह केवल बाहरी दुकानदारों के लिए नहीं है, बल्कि स्कूलों के अंदर भी लागू होती है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर में जंक फूड की बिक्री न होने दें और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों से बचाने वाले संकेत लगाएं।
स्कूल के खाने की पौष्टिकता पर चिंता जताते हुए विभाग ने कहा कि जंक फूड बच्चों की ऊर्जा और पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। विभाग ने सलाह दी है कि स्कूलों के खाने में मोटे अनाज, दालें, दूध, अंडे और ताजे फल-सब्जियों को शामिल किया जाए।