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कर्नाटक सेक्स टेप कांड: प्रज्वल रेवन्ना को हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया

कर्नाटक में सेक्स टेप कांड के मामले में प्रज्वल रेवन्ना को हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया है। यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया था, जब बेंगलुरु में पेन ड्राइव में कई वीडियो क्लिप्स मिलीं। अदालत ने रेवन्ना को यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप में दोषी पाया, जिसके बाद वह कोर्ट में रोने लगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जानें इस विवादास्पद मामले की पूरी कहानी और अदालत के फैसले के बारे में।
 

प्रज्वल रेवन्ना का कोर्ट में रोना

बेंगलुरु: कर्नाटक में हुए सेक्स टेप कांड में जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण झटका दिया है। शुक्रवार को अदालत ने यौन उत्पीड़न और बलात्कार से संबंधित मामले में प्रज्वल को दोषी ठहराया। जैसे ही फैसला सुनाया गया, रेवन्ना कोर्टरूम में रोने लगा। अदालत जल्द ही इस मामले में सजा का ऐलान करेगी।


यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया, जब बेंगलुरु में कई स्थानों पर पेन ड्राइव मिलीं। इन पेन ड्राइव में कथित तौर पर 3,000 से 5,000 वीडियो क्लिप्स थीं, जिनमें प्रज्वल रेवन्ना को कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न करते हुए दिखाया गया था। इन वीडियो में पीड़िताओं के चेहरे भी स्पष्ट थे। मामले ने तब तूल पकड़ा जब रेवन्ना के घर में काम करने वाली एक महिला ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।


मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने जांच के बाद प्रज्वल के खिलाफ रेप, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में कुल 4 मामले दर्ज किए। वर्तमान में, अदालत ने इनमें से एक मामले में उसे दोषी ठहराया है, जबकि अन्य मामलों में निर्णय आना बाकी है।


प्रज्वल रेवन्ना एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से संबंधित हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं। प्रज्वल के पिता एच.डी. रेवन्ना कर्नाटक सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनके चाचा एच.डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। प्रज्वल ने 2019 में हासन लोकसभा सीट से सांसद के रूप में जीत हासिल की थी, लेकिन 2024 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस कांड के उजागर होने के बाद जेडीएस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि रेवन्ना महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के बाद उन्हें सरकारी नौकरी का लालच दिया करता था।