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कल्याण में आवारा कुत्तों के हमले से 160 लोग घायल, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल

कल्याण में आवारा कुत्तों के हमले ने स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। रविवार से सोमवार तक 160 से अधिक लोग कुत्तों के काटने से अस्पताल पहुंचे, जिनमें से एक 11 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर है। प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है, लेकिन स्थानीय लोगों ने उनकी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

कल्याण में कुत्तों के हमले से बढ़ी चिंता


नई दिल्ली: महाराष्ट्र के कल्याण में आवारा कुत्तों के हमलों ने स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। रविवार से सोमवार तक विभिन्न क्षेत्रों में 160 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के कारण अस्पताल पहुंचे। खड़खपाड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक मामले सामने आए, जहां एक कुत्ते ने 60 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया। घायलों में पैदल चलने वाले, बाइक सवार और स्थानीय निवासी शामिल हैं, जिनमें से एक 11 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है।


घटनास्थल पर हमले की शुरुआत

कल्याण पश्चिम के बिरला कॉलेज रोड पर संदीप होटल के पास रविवार को एक आवारा कुत्ते ने हमले शुरू किए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्ता राहगीरों, बाइक और ऑटो का पीछा करते हुए लोगों को काट रहा था। इसका असर आसपास की गलियों, सोसायटियों और खुले स्थानों तक फैल गया। बिरला कॉलेज, पुराने आरटीओ कार्यालय और भोइरवाड़ी के निवासियों में भी डर का माहौल बन गया है।


अस्पताल में बढ़ते मामले

अस्पताल में 161 मामले, 46 मरीज गंभीर


रुक्मिणीबाई अस्पताल में रविवार रात तक कुत्ते के काटने के 58 मामले दर्ज हुए। सोमवार शाम चार बजे तक 103 और मरीज अस्पताल पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुलोचना त्रिभुवन ने बताया कि घायलों की चोट के अनुसार इलाज किया गया। गहरे घाव और खून निकलने वाले 46 मामलों को गंभीर श्रेणी में रखा गया। जरूरत के अनुसार मरीजों को एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन दिया गया।


गंभीर रूप से घायल बच्ची को मुंबई भेजा गया

11 साल की बच्ची को मुंबई भेजा गया


हमले में एक 11 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए मुंबई के सायन स्थित लोकमान्य तिलक अस्पताल भेजा गया। लगातार बढ़ते मामलों के कारण अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई परिवारों ने अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने नहीं भेजा है। लोगों का कहना है कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निकलना अब डरावना लग रहा है।


प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल

KDMC ने शुरू किया कुत्ते पकड़ने का अभियान


घटनाओं के बाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त अभिनव गोयल और महापौर हर्षाली थविल ने पत्रीपुल स्थित नसबंदी और टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। महापौर ने बताया कि हमले वाली रात से ही टीमें कुत्तों को पकड़ने में जुटी हैं। पकड़े गए कुत्तों को रेबीज का टीका दिया जा रहा है और नसबंदी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।


हालांकि, स्थानीय लोगों ने KDMC की आवारा कुत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ठाकरे गुट के स्थानीय नेता उमेश बोरगांवकर ने भी प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े घटनाक्रम के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। नागरिकों की मांग है कि कुत्तों को नियंत्रित करने के साथ बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।