कश्मीर और लद्दाख में कड़ाके की ठंड, द्रास बना सबसे ठंडा स्थान
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप
श्रीनगर/लेह: उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्र में इस समय कड़ाके की ठंड और शीत लहर का प्रकोप जारी है। कश्मीर घाटी से लेकर लद्दाख तक, तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। द्रास, लद्दाख का क्षेत्र, देश का सबसे ठंडा स्थान बन गया है, जहां अत्यधिक ठंड पड़ रही है। श्रीनगर में भी बीती रात इस मौसम की सबसे ठंडी रातों में से एक दर्ज की गई।
जल स्रोतों पर असर
कश्मीर घाटी में गिरते तापमान का प्रभाव जल स्रोतों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। भीषण ठंड के कारण कई जल निकाय और छोटी नदियां जमने लगी हैं। श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के भीतर बर्फ की मोटी परत जम गई है, जिससे नाविकों को शिकारा चलाने में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा, रिहायशी क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइनों में पानी जम गया है, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग पाइपों को पिघलाने के लिए आग जलाते हुए देखे जा रहे हैं।
शोपियां और पुलवामा में ठंड
तापमान के आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर घाटी में शोपियां सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पुलवामा में माइनस 8.0 डिग्री और पहलगाम में माइनस 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी श्रीनगर में भी ठंड का सितम जारी है, यहां पारा माइनस 5.7 डिग्री तक गिर गया, जबकि श्रीनगर हवाई अड्डे पर यह और भी कम, माइनस 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
लद्दाख में हड्डियां गलाने वाली ठंड
लद्दाख क्षेत्र में ठंड ने विकराल रूप धारण कर लिया है। द्रास में तापमान माइनस 24.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो देश में सबसे कम है। न्योमा और पदुम में क्रमशः माइनस 20.3 डिग्री और माइनस 19.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हनले में पारा माइनस 17.0 डिग्री रहा, जबकि लेह शहर में तापमान माइनस 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आगे और गिर सकता है तापमान
मौसम विभाग ने ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं जताई है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने का अनुमान है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को कड़ाके की ठंड से बचने के लिए उचित सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही, रात के समय और सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।