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कांगड़ा में कैफे में मारपीट और गोलीबारी की घटना, पुलिस ने दर्ज किया मामला

कांगड़ा जिले के मानसिंबल गांव में एक कैफे में हुई मारपीट और गोलीबारी की घटना ने स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के दौरान कैफे के मालिक और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें जान से मारने की धमकी भी शामिल है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

कैफे में विवाद और हिंसा की घटना

पालमपुर- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के मानसिंबल गांव में एक कैफे में मारपीट, आपराधिक धमकी और गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।


कांगड़ा जिला पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने जानकारी दी कि यह घटना 13 जून को मानसिंबल के 'होटल हाइड आउट' में हुई। यहां मानसिंबल निवासी आशीष कुमार और उनके मित्र भोजन कर रहे थे। बताया गया है कि आशीष और उनके मित्र ने कैफे के मालिक पदम देव से भोजन में अधिक नमक होने की शिकायत की, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हुआ।


शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पदम देव ने उनके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब पारस ने इस घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो कैफे के मालिक ने कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे थप्पड़ मारा। इसके बाद कैफे का दरवाजा बंद कर दिया गया।


पुलिस ने बताया कि इसके बाद अतुल कुमार नामक एक व्यक्ति वहां आया और उसने समूह के साथ मारपीट की। उस पर हवा में गोलियां चलाने का आरोप भी है। पारस किसी तरह वहां से भाग निकला, जबकि आशीष कुमार को पकड़ लिया गया।
आरोप है कि आलोक ठाकुर उर्फ विक्की नामक एक अन्य व्यक्ति भी इस मारपीट में शामिल हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि आलोक ने अतुल से पिस्तौल ली और उसे आशीष के सिर पर सटा दिया, साथ ही जान से मारने की धमकी दी।


इस विवाद के दौरान बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाले पंकज सैनी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद संजीव सैनी सहित स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने बीच-बचाव किया, घायलों को इलाज के लिए भवारना अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भवारना थाने में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।