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कांगो में भीषण आग से 26 छात्रों की मौत, कई घायल

कांगो के बकावु में एक भीषण आग ने दो स्कूलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें 26 छात्रों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र की पहले से ही जटिल स्थिति को और बढ़ा दिया है।
 

कांगो में आग का दर्दनाक हादसा

कांगो: अफ्रीका के कांगो के पूर्वी क्षेत्र में एक घर से शुरू हुई भीषण आग ने पास के दो स्कूलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कम से कम 26 छात्रों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। दक्षिण किवु प्रांतीय सरकार के अनुसार, मृतकों में 19 लड़कियां और 7 लड़के शामिल हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।


यह घटना बकावु शहर में हुई। स्थानीय प्रशासक मोइसे लुबाला के अनुसार, आग फुराहा सेकेंडरी स्कूल और उसके निकट स्थित उजामा प्राइमरी स्कूल तक फैल गई। आग लगने के समय फुराहा सेकेंडरी स्कूल के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे। कुछ छात्रों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि बाहर निकलने की कोशिश में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।


लुबाला ने बताया कि स्कूल से बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था। आग से बचने के लिए कुछ छात्र खिड़कियों से कूदने लगे, जबकि अन्य दरवाजे की ओर भागे। एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के बाहर निकलने की कोशिश के दौरान कई छात्र गिर गए और भीड़ के पैरों तले कुचल गए।


फुराहा और उजामा स्कूल के विभिन्न उम्र के लड़के और लड़कियों को न्यामुलागिरा BDOM हेल्थ सेंटर ले जाया गया। वहां मौजूद नर्स सिजा जीन-बैप्टिस्ट ने बताया कि घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि मेडिकल स्टाफ के लिए उनका सही आंकड़ा रखना भी मुश्किल हो रहा था।


इससे पहले विद्रोही संगठन M23 के प्रवक्ता लॉरेंस कन्युका ने 24 छात्रों की मौत की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि 29 घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बाद में दक्षिण किवु प्रांतीय सरकार ने मृतकों की संख्या बढ़ाकर 26 कर दी।


फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासक लुबाला के अनुसार, जिस क्षेत्र में आग शुरू हुई, वहां की जनसंख्या घनी है और अधिकांश घर लकड़ी के बने हुए हैं। यही कारण है कि आग ने तेजी से आसपास के क्षेत्रों और दोनों स्कूलों को अपनी चपेट में ले लिया।


कांगो के पूर्वी हिस्से में लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है। रवांडा के समर्थन वाले M23 विद्रोहियों ने फरवरी 2025 में बकावु पर कब्जा कर लिया था। इस क्षेत्र में 100 से अधिक हथियारबंद समूह सक्रिय हैं, जो खनिज संसाधनों पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


पूर्वी कांगो की स्वास्थ्य सेवाएं भी लंबे समय से गंभीर दबाव में हैं। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के प्रकोप और लगातार जारी संघर्ष के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।


इस तरह के हालात में दो स्कूलों में हुआ यह भीषण अग्निकांड इलाके की समस्याओं को और बढ़ाने वाला साबित हुआ है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।