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कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सियासी बयानबाजी में तेजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सियासी बयानबाजी में तेजी आई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बातचीत के दौरान अपनी मांगें बदल दीं। प्रदर्शन के दौरान हुई बातचीत में राहुल गांधी ने NEET मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन बाद में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग रख दी। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्या है सरकार की प्रतिक्रिया।
 

सियासी बयानबाजी का नया दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बातचीत के दौरान अपनी बात बदल दी। उनका कहना है कि सरकार ने राहुल गांधी की प्रारंभिक मांग को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने एक नई शर्त जोड़ दी।


कांग्रेस नेताओं का धरना

जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के पास धरने पर बैठे थे। सरकार ने बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा। मंत्री के अनुसार, प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की गई।


राहुल गांधी और सरकार के बीच बातचीत

धरने पर क्या हुई राहुल गांधी और सरकार की बातचीत?


जितेंद्र सिंह के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार NEET और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार हो जाए, तो वह धरना समाप्त कर देंगे। उन्होंने बताया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी को यह संदेश दिया गया कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश की और संसद में चर्चा को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया।


जितेंद्र सिंह का आरोप

जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर लगाया आरोप


केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी ने कहा था कि अगर सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार हो जाती है, तो वह तुरंत अपना प्रदर्शन खत्म कर देंगे। कुछ ही देर बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद राहुल गांधी को बताया गया कि उनकी मांग मान ली गई है और सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।'


उन्होंने आगे लिखा, 'जब यह बात राहुल गांधी को बताई गई तो उन्होंने कहा कि सिर्फ चर्चा से बात नहीं बनेगी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग रख दी। जब उन्हें याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने सिर्फ चर्चा की मांग की थी तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांग बदल गई है।'


जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता का अपनी ही बात से पलट जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र की परंपराओं के खिलाफ है।


प्रदर्शन की अवधि

3 घंटे तक चला प्रदर्शन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन लगभग तीन घंटे तक चला। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा भी शामिल हुए। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत प्रदर्शन कर रहे सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान राहुल गांधी की नाक पर चोट लगने की तस्वीर भी सामने आई।