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कांग्रेस ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग के लिए बाइक रैली निकाली

उत्तराखंड में कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में न्याय की मांग के लिए एक बाइक रैली का आयोजन किया। इस रैली में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और अन्य नेताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कथित वीआईपी की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए खड़ी रहेगी। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

उत्तराखंड में कांग्रेस का प्रदर्शन

उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता आज सड़कों पर उतरे। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आईएसबीटी से घंटाघर तक एक बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान बीजेपी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।

कांग्रेस की यह बाइक रैली जीएमएस रोड बल्लूपुर चौक से होते हुए घंटाघर पहुंची। यहां कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी और बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए कांग्रेस हमेशा खड़ी रहेगी।(2/3) pic.twitter.com/Px39rlq2vO

— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) October 16, 2026

इस दौरान घंटाघर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की।

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज उत्तराखंड के सभी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस रैली में भाग लेकर यह संदेश दिया है कि उत्तराखंड वोट चोरी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना होगा और अंकिता को न्याय दिलाना होगा।

उत्तराखंड का हर नागरिक आज इस मामले में आक्रोशित है, जिसमें कथित वीआईपी का नाम सामने आया है, और बीजेपी सरकार उसे बचाने में लगी है। वायरल ऑडियो में बीजेपी के नेता ने भी इस व्यक्ति का जिक्र किया है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिनका नाम सामने आया है, उन्हें बचाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है? उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि जब बड़े लोग खड़े होते हैं, तो तख्तोताज बदल जाते हैं। इसलिए उनके दिन लगातार भारी होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी ने राज्य के लिए संघर्ष किया था, उसी तरह कांग्रेस भी यहां की अस्मिता के लिए संघर्ष करती रहेगी.