कांग्रेस पार्टी का बड़ा आंदोलन: चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी
कांग्रेस का आंदोलन
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करने की योजना बना रही है। पार्टी ने अगले तीन दिनों के लिए कई राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। सोमवार, 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद मंगलवार, 29 सितंबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक होगी, और 30 सितंबर को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक होगी। यदि बीजद के प्रतिनिधि इसमें शामिल होते हैं, तो इसे विपक्ष की बैठक माना जाएगा।
विपक्षी गठबंधन की बैठक
कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने के लिए 29 सितंबर को कार्य समिति की बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल होंगे। इसके बाद 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक होगी, जिसमें लगभग सभी विपक्षी दलों के नेता भाग लेंगे। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे, लेकिन उनकी पार्टी के अन्य नेता बैठक में शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और सपा के अलावा ममता बनर्जी और वामपंथी नेताओं की भी बैठक में भागीदारी होगी। डीएमके और आम आदमी पार्टी के भी शामिल होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछली बैठक में इन दोनों दलों ने दूरी बनाई थी। बीजू जनता दल को भी बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, और नवीन पटनायक का कोई प्रतिनिधि इसमें शामिल हो सकता है।
विपक्ष की एकजुटता
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी और चुनाव आयोग के आंतरिक मतभेदों की खबरों के बाद विपक्षी दल फिर से एकजुट हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम के बीच बातचीत शुरू हो गई है। सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने 'इंडिया' ब्लॉक के सभी नेताओं को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की स्थिति पर विचार करने के लिए बैठक बुलाने का आग्रह किया।
ममता बनर्जी ने एमए बेबी को फोन कर कहा कि पूरे विपक्ष को मिलकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक साझा रणनीति बनानी चाहिए। इसके बाद बैठक की तारीख तय की गई।
भविष्य की रणनीति
विपक्ष के जानकार नेताओं का मानना है कि गठबंधन 2029 के लोकसभा चुनाव पुरानी मतदाता सूची से कराने की मांग करेगा, यानी एसआईआर को रद्द करने की मांग की जा सकती है। इस बैठक में यह भी सवाल उठाया जा सकता है कि एसआईआर के बाद कितने बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए और कितनों को वापस भेजा गया। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनौती दी है कि वे सोमवार को दिल्ली आ रहे हैं और सरकार में हिम्मत है तो उन्हें पकड़कर दिखाए।