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कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे की नाराजगी का मुद्दा

दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद हुए शुद्धिकरण अनुष्ठान पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह अपमानजनक था और पार्टी के कुछ नेताओं की चुप्पी पर निराशा जताई। यह विवाद 8 अगस्त को खड़गे की रैली के बाद शुरू हुआ, जब एक स्थानीय संगठन ने हवन किया। खड़गे ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया और कार्रवाई की मांग की। बीजेपी ने इस घटना की निंदा की है।
 

दिल्ली में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक

19 अगस्त को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान पर अपनी नाराजगी और दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि CWC के कई सदस्यों ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे को पहले ही राज्यसभा में उठाया था, और सरकार ने इसकी जांच का आश्वासन दिया था।


खड़गे की अपमानजनक अनुभव

इस बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कोई उन्हें केवल उनके दलित होने के कारण बचाएगा। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद जो शुद्धिकरण किया गया, वह उनके लिए अपमानजनक था। इसके साथ ही, उन्होंने निराशा व्यक्त की कि पार्टी के कुछ नेताओं ने इस घटना के खिलाफ खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी।


विवाद का मूल कारण

यह विवाद 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की कांग्रेस रैली के बाद शुरू हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, दो दिन बाद एक स्थानीय हिंदू संगठन ने वहां हवन और शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित होने के कारण की गई। पार्टी ने यह भी कहा कि यह अनुष्ठान बीजेपी के समर्थकों द्वारा किया गया था।


संसद में मामला उठाया गया

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनके भाषण में किसी जाति या धर्म का उल्लेख नहीं था, और वे केवल लोगों से जुड़े मुद्दों पर बात कर रहे थे। इसके बावजूद, उनके भाषण के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया। खड़गे ने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर मुद्दा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।


बीजेपी का प्रतिक्रिया

मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए, नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए इसकी जांच का आश्वासन दिया। अब CWC की बैठक में खड़गे की नाराजगी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर कांग्रेस के भीतर चर्चा का विषय बन गया है।