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कानपुर में कच्चे मकान के गिरने से एक परिवार के चार सदस्यों की मौत

कानपुर के हिरनी गांव में एक कच्चा मकान गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। मृतकों में परिवार के मुखिया और उनकी तीन बेटियाँ शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल एक अन्य बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
 

कानपुर में दर्दनाक हादसा

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार को एक भयानक घटना घटी। अचानक एक कच्चा मकान ढह गया, जिससे एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। स्थानीय निवासियों और बचाव दल ने कड़ी मेहनत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने परिवार के मुखिया और उनकी तीन नाबालिग बेटियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक अन्य युवती गंभीर स्थिति में है।


परिवार में शोक का माहौल

इस दुखद घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। मृतकों में परिवार के मुखिया मुकेश (45) और उनकी तीन बेटियाँ माया (16), नीतू (12) और पल्लवी (7) शामिल हैं। मलबे से निकाली गई सबसे बड़ी बेटी काजल (19) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही समय में पिता और तीन बेटियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।


अस्पताल में लापरवाही के आरोप

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि जब घायलों को अस्पताल लाया गया, तब इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। केवल वार्ड ब्वॉय ने ही नाममात्र का उपचार किया, जिससे चार लोगों की जान चली गई।


डॉक्टरों की लापरवाही पर आक्रोश

ग्रामीणों के अनुसार, जब हंगामे की सूचना मिली, तब डॉक्टर आनन-फानन में पहुंचे और अस्पताल की बाउंड्री फांदकर अंदर आए। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं।