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कानपुर में नकली सीमेंट का बड़ा खुलासा, चार लोगों पर मामला दर्ज

कानपुर में एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जहां ACC और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट का कारोबार चल रहा था। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि इस नकली सीमेंट की आपूर्ति महत्वपूर्ण परियोजनाओं तक हो रही थी। क्या यह मामला और भी बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा है? जानें पूरी कहानी में।
 

कानपुर में नकली सीमेंट का मामला


कानपुर: लोग अपने घरों की मजबूती के लिए प्रसिद्ध कंपनियों की सीमेंट खरीदते हैं, लेकिन यदि उसी नाम पर नकली या मिलावटी सीमेंट बेची जाए, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ACC और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट बनाने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री के संचालक नीरज और धीरज गुप्ता सहित चार व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कानपुर के पनकी क्षेत्र में एक फैक्ट्री में खराब सीमेंट को पीसकर असली सीमेंट के साथ मिलाया जाता था। इसके बाद तैयार मिश्रण को नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर बाजार में बेचा जाता था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में असली सीमेंट की बोरियों का भी इस्तेमाल किया जाता था। वितरक के रूप में सीमेंट मंगाकर उसमें से सामग्री निकालने और फिर अन्य सामग्री मिलाकर पैकिंग करने का तरीका अपनाया जा रहा था।


कंपनी को लंबे समय से पनकी क्षेत्र में अपने ब्रांड के नाम पर नकली सीमेंट बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद कंपनी की विजिलेंस टीम ने जांच की और पुलिस को सूचित किया। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में ACC और अंबुजा के नाम वाली एक हजार से अधिक बोरियां मिलीं। मौके पर दो ट्रक भी खड़े थे, जिनमें मजदूर सीमेंट लाद रहे थे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही फैक्ट्री संचालक और अन्य लोग फरार हो गए।


UP- कानपुर नीरज और धीरज गुप्ता ने नकली सीमेंट बनाने का कारोबार शुरू किया. प्राइवेट से लेकर सरकारी सेक्टर में सीमेंट बेचा जा सके इसलिए ACC और अंबुजा सीमेंट के डीलर बन गये.

इस गैंग में मेरठ का सुनील मित्तल और निशांत मित्तल भी शामिल था.

यह गैंग बुन्देलखंड से एक्सपायर्ड सीमेंट 10-20 रूपये प्रति बोरी के रेट में नीलामी में खरीद लेता था. एक्सपायर्ड सीमेंट मिक्सर मशीनों में पीसकर प्रिन्टिंड बोरियों में भर देते थे. 30 रूपये प्रति बोरी को 250-280 रूपये बोरी के रेट में सप्लाई करते थे.

इस गैंग ने एयरपोर्ट और 10 जिलों में सीएम ग्रिड की सड़कों के ठेकेदारों को नकली सीमेंट की सप्लाई की. हर महीने 30 हजार बोरी सीमेंट की सप्लाई थी.

— Narendra Pratap (@hindipatrakar) October 16, 2026


रिपोर्टों के अनुसार, इस नकली सीमेंट की आपूर्ति कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं तक होने की संभावना है। लखनऊ एयरपोर्ट से लेकर सीएम ग्रिड योजना तक नकली सीमेंट की सप्लाई होने की आशंका है। 


फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली पैकिंग कहां तैयार होती थी, सीमेंट किन डीलरों तक पहुंचाया गया और अब तक कितने ग्राहक इसकी चपेट में आए हैं। जांच के बाद ही इस कथित फर्जीवाड़े का वास्तविक दायरा स्पष्ट हो सकेगा।