×

कानपुर में नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप का मामला: पुलिस पर उठे सवाल

कानपुर में एक नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में एक कथित पत्रकार की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की लापरवाही के चलते कई सवाल उठ रहे हैं, और वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है। जानें इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

कानपुर में सनसनीखेज मामला


कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। सचेंडी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में एक कथित पत्रकार की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस विभाग के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


पुलिस की लापरवाही पर सवाल

पीड़िता के परिवार द्वारा की गई शिकायत के बाद मामले की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया। जैसे ही मामला उजागर हुआ, वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच को तेज कर दिया और आरोपियों की खोज के लिए कई टीमें बनाई गईं।


दरोगा पर गंभीर आरोप

भीमसेन चौकी के प्रभारी दरोगा अमित मौर्या पर नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। कहा जा रहा है कि उन्होंने एक कथित पत्रकार शिवबरन के साथ मिलकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। यह घटना दरोगा के कार्यक्षेत्र में हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।


विशेष जांच टीमें गठित

जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि पीड़िता की नाबालिग होने के बावजूद शुरुआत में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया।


आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में शामिल दूसरे आरोपी और कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, दरोगा अमित मौर्या को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन वह अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


घटना का विवरण

पीड़िता के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान, स्कॉर्पियो में सवार दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोपी उसे सचेंडी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां गाड़ी के अंदर करीब दो घंटे तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।


आरोपी भाग गए

घटना के बाद, आरोपी नाबालिग को देर रात उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह घर पहुंचकर पीड़िता ने अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उसके भाई ने डायल 112 पर पुलिस को सूचित किया। सोमवार को मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अपहरण और गैंगरेप की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।


पुलिस आयुक्त का बयान

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा, "आरोपी पुलिसकर्मी को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। नाबालिग से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।"