कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक में हुआ अनोखा बंद, प्रदर्शनकारियों ने अपनाया अनोखा तरीका
कर्नाटक में कावेरी जल बंटवारे पर बंद का आह्वान
नई दिल्ली: कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक में 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान कोप्पल जिले में प्रदर्शनकारियों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने तमिलनाडु के नंबर प्लेट वाले ट्रकों को रोका और उनके चालकों को गुलाब भेंट किए, साथ ही उनसे अपील की कि वे कर्नाटक को उकसाने से बचें।
प्रदर्शन का स्थान और उद्देश्य
यह विरोध प्रदर्शन कोप्पल तालुक के हिटलनाल टोल गेट पर आयोजित किया गया। कर्नाटक ओक्कुटा के समर्थकों ने तमिलनाडु से आने वाले ट्रकों को रोका। संगठन के नेता विजयकुमार ने कहा कि कर्नाटक के लोग शांति में विश्वास रखते हैं और उन्हें भड़काने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
Mandya, Karnataka: A complete Karnataka bandh over the Cauvery issue is being observed, with farmers, Kannada groups, traders, auto drivers and other organizations participating. Shops and hotels remain closed, traffic is sparse, while tight police deployment and liquor… pic.twitter.com/yUPhTsqg2E
— IANS (@ians_india) August 13, 2026
प्रदर्शनकारियों ने कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) के उस आदेश का विरोध किया, जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। इस दौरान 'फूल ले लो, पानी मत मांगो' जैसे नारे भी लगाए गए। हालांकि, बाद में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
कर्नाटक बंद का नेतृत्व
किसने बुलाया कर्नाटक बंद?
इस बंद का आयोजन कर्नाटक ओक्कुटा के प्रदेश अध्यक्ष वाटाल नागराज के नेतृत्व में किया गया। संगठनों ने सुबह 6 बजे से टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन का आह्वान किया। उनका कहना है कि कर्नाटक के कई क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं है। इस बंद को देखते हुए बेंगलुरु समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। दूसरी ओर, तमिलनाडु से सरकारी बसों का होसुर के रास्ते कर्नाटक में प्रवेश जारी रहा।
कावेरी जल विवाद का इतिहास
क्या है कावेरी जल विवाद?
कावेरी नदी कर्नाटक से निकलकर तमिलनाडु होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। दोनों राज्यों के बीच दशकों से नदी के जल बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। बारिश की कमी और जलाशयों में पानी के स्तर में गिरावट के कारण यह विवाद अक्सर बढ़ जाता है।
डीके शिवकुमार का बयान
डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार कावेरी मामले में राज्य के लोगों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य अभी भी सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है और किसानों से सरकार के दिशा-निर्देश आने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की।