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किन्नौर-शिमला नेशनल हाईवे पर भूस्खलन से यातायात ठप

हिमाचल प्रदेश में किन्नौर-शिमला नेशनल हाईवे पर भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। निगुलसरी क्षेत्र में चट्टानें गिरने से सड़क बंद है, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

किन्नौर पूरी तरह से शिमला से कटा


शिमला से किन्नौर का संपर्क पूरी तरह बाधित


हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं लगातार जारी हैं। इस बार भी भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे और अन्य मार्गों पर बाधाएं आ रही हैं। वर्तमान में, किन्नौर को शिमला से जोड़ने वाला एनएच-5 (नेशनल हाईवे-5) निगुलसरी क्षेत्र में गंभीर भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।


यह भूस्खलन बुधवार रात लगभग एक बजे शुरू हुआ, जब पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें सड़क पर गिर गईं। इस समय भी चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे सड़क को बहाल करने का कार्य शुरू नहीं हो सका है।


हाईवे पर लंबा जाम

सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर एचआरटीसी और निजी बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। रात से ही सैकड़ों यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के चलते निगुलसरी क्षेत्र में पहाड़ी से बार-बार मलबा गिर रहा है, जिससे सड़क बहाल करने का कार्य नहीं हो पा रहा है।


निगुलसरी में एनएच-5 के साथ वैकल्पिक सड़क भी भूस्खलन के कारण बंद है, जिससे किन्नौर और शिमला के बीच आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।


मार्ग को जल्द बहाल करने की कोशिश

नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता केएल सुमन ने बताया कि बारिश के कारण सड़क बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। विभाग की मशीनें मौके पर तैनात हैं। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा केवल अत्यावश्यक होने पर करें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।


मानसून की स्थिति

भारतीय मौसम विभाग की शिमला शाखा के अनुसार, प्रदेश में मानसून थोड़ी कमजोर पड़ गई है। पिछले एक सप्ताह में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगले सप्ताह भी अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य या इससे कम बारिश होने की संभावना है।