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किम जोंग उन की चीन यात्रा: उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को मजबूत करने की कोशिश

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक साल बाद चीन का दौरा किया है, जो उनके और चीन के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा के दौरान, किम ने यालू रिवर ब्रिज के माध्यम से सीमा पार की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के प्रयास में है। जानें इस यात्रा के पीछे की रणनीति और चीन के साथ उत्तर कोरिया के संबंधों का महत्व।
 

किम जोंग उन की चीन यात्रा


किम जोंग उन की चीन यात्रा: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक साल के अंतराल के बाद चीन का दौरा किया है। दक्षिण कोरिया की मीडिया ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने हाल ही में नए यालू रिवर ब्रिज के माध्यम से सीमा पार की। यह यात्रा उस समय हुई है जब उत्तर कोरिया रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के बाद चीन के साथ भी अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने इस दौरे की पुष्टि नहीं की है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय और दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंधों की निगरानी करने वाले एकीकरण मंत्रालय ने योनहाप की रिपोर्ट की तुरंत पुष्टि नहीं की।


चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने की कोशिश
किम जोंग उन की इस यात्रा का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि उत्तर कोरिया अपने पुराने सहयोगी चीन के साथ संबंधों को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।


पिछले कुछ वर्षों में, किम जोंग उन ने रूस के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी है। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का समर्थन करने के लिए हजारों सैनिक और पारंपरिक हथियार भेजे हैं। इसके बदले में, उत्तर कोरिया को रूस से सैन्य और आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।


हालांकि, हाल के महीनों में किम जोंग उन ने चीन के साथ संबंधों को भी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है। चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का मुख्य सहयोगी और आर्थिक सहायता का प्रमुख स्रोत रहा है।