किसानों का धरना जारी, 350 करोड़ रुपये के कपास बीमा क्लेम की मांग
किसानों का आंदोलन जारी
किसानों का धरना (बाढड़ा) मंडी परिसर में किसानों का धरना आज 244वें दिन भी पूरी ताकत और एकजुटता के साथ जारी रहा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 350 करोड़ रुपये का लंबित कपास बीमा क्लेम जल्द जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेता ब्रहमपाल बाढड़ा, श्योराण खाप के अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला, राजकुमार हड़ौदी, मास्टर रघुबीर सिंह और भूप सिंह दलाल ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संघर्ष को और व्यापक बनाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने देशव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा दिया है।
सरकार से मांगें
चार नए लेबर कोड, विद्युत संशोधन विधेयक और बीज विधेयक वापस लिए जाएं
किसान-मजदूर विरोधी नीतियों और कॉरपोरेट-परस्त फैसलों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द किया जाए। सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी लागू हो। चार नए लेबर कोड, विद्युत संशोधन विधेयक और बीज विधेयक को वापस लिया जाए। 2023 कपास बीमा क्लेम के संदर्भ में कृषि विभाग के अधिकारियों ने चुनाव आचार संहिता के चलते भिवानी और चरखी-दादरी जिलों के 450 करोड़ रुपये के क्लेम को लगभग सौ करोड़ रुपये कर 350 करोड़ रुपये का घोटाला किया। हरियाणा में वर्ष 2022-23 में जहां फसल बीमा क्लेम 2497 करोड़ रुपये मिला, वहीं चुनावी वर्ष 2023-24 में क्लेम केवल 224 करोड़ रुपये किसानों को दिया गया। उन्होंने सरकार से शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
किसान-मजदूर नेताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर मजदूर नेता रोशन लाल धारणी, राजेंद्र बेरला, भूप सिंह धारणी, ब्रह्मपाल बाढड़ा, होशियार सिंह गोपी, सत्य प्रकाश जेवली, नरेश कुमार कादयान, रणधीर, हवा सिंह, प्रताप सिंह, जोरा सिंह, प्रताप सिंह हसावास, प्रताप सिंह पारस, युधबीर, ओमप्रकाश नंबरदार, महावीर प्राचार्य, जयवीर नाधां, सतबीर, और अन्य किसान-मजदूर नेता उपस्थित रहे।