किसानों के लिए ऐतिहासिक MSP वृद्धि: रबी विपणन सत्र 2027-28
केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय
नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने देश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी 6 अनिवार्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस निर्णय को किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
किसानों की आय में वृद्धि
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की किसान केंद्रित नीतियों और वैज्ञानिक अनुसंधान के परिणामस्वरूप भारत खाद्यान्न और पोषण सुरक्षा की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले देश आयातित गेहूं पर निर्भर था, लेकिन अब देश के अन्न भंडार भरे हुए हैं। कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि 46% जनसंख्या की आजीविका कृषि पर निर्भर है, इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है।
MSP में बंपर वृद्धि
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसानों को उनकी औसत उत्पादन लागत (A2+FL) पर कम से कम 50% लाभ मिलना चाहिए। रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए घोषित MSP में गेहूं पर 106%, रेपसीड एवं सरसों पर 96% और मसूर पर 92% का मार्जिन दिया गया है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
नई MSP दरें
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सभी 6 रबी फसलों की संशोधित MSP दरें इस प्रकार हैं: कुसुम (Safflower): 675 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई MSP 7,215 प्रति क्विंटल; रेपसीड एवं सरसों: 413 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई MSP 6,613 प्रति क्विंटल; मसूर: 390 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई MSP 7,390 प्रति क्विंटल; जौ: 136 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई MSP 2,286 प्रति क्विंटल; चना: 83 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई MSP 5,958 प्रति क्विंटल; गेहूं: 25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, नई MSP 2,610 प्रति क्विंटल।
UPA बनाम मोदी सरकार
कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यूपीए के 10 वर्षों में 6 प्रमुख रबी फसलों की MSP खरीद पर कुल 2.65 लाख करोड़ का भुगतान किया गया था, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह राशि 8.36 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
दलहन क्षेत्र में वृद्धि
कृषि मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में केवल 6 लाख मीट्रिक टन दलहन की खरीद हुई थी, जबकि मोदी सरकार में यह 35 गुना बढ़कर 2 करोड़ 20 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।
राइस फेलो एरिया पहल
कृषि मंत्रालय ने दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए 'राइस फेलो एरिया' योजना बनाई है, जिसमें धान कटने के बाद खाली खेतों में दलहनी फसलें लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता
सरसों और रेपसीड के समर्थन मूल्य में वृद्धि के साथ, सरकार खाद्य तेलों के आयात को कम करने और तिलहन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दे रही है।
जल-संरक्षण को प्रोत्साहन
कृषि मंत्री ने बताया कि जौ के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इसकी MSP में वृद्धि की गई है, जिससे जल-संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
क्षेत्रीय रबी रणनीति
कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए 'स्टेट-स्पेसिफिक रबी प्लान' तैयार किया है, जिसमें सूखा-प्रतिरोधी फसलों और विशेष उपायों की योजना बनाई गई है।
किसानों के कल्याण के लिए समर्पण
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी सरकार का हर कदम अन्नदाता के कल्याण और कृषि क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए समर्पित है।