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कुलगाम में आतंकवादी हमले के बाद मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले में दो प्रवासी श्रमिकों की जान चली गई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की और इसे कायराना करार दिया। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।
 

कुलगाम में आतंकवादी हमला

कुलगाम में आतंकवादी हमला: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए एक आतंकी हमले के बाद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने हमले में मारे गए दो प्रवासी श्रमिकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। शुक्रवार को कुलगाम के केलम क्षेत्र में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय श्रमिकों पर गोलीबारी की। इस हमले में एक श्रमिक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे श्रमिक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों श्रमिक छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोजगार के लिए जम्मू-कश्मीर आए थे.


मुख्यमंत्री का शोक और सहायता की घोषणा

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, सहायता राशि का ऐलान

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश में हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे "कायराना" और 'निरर्थक हिंसा' करार दिया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि दोनों मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है.

मुख्यमंत्री ने कुलगाम में दो श्रमिकों की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की और निर्दोष जीवन के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उन्होंने मृतकों के निकट संबंधियों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की। यह…

— मुख्यमंत्री कार्यालय, जम्मू-कश्मीर (@CM_JnK) 1 अगस्त, 2026


दूसरे श्रमिक की भी अस्पताल में मृत्यु

इलाज के दौरान दूसरे मजदूर की भी मौत

हमले में एक श्रमिक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए एसकेआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। दोनों मृतक 20 से 29 वर्ष की आयु के थे और छत्तीसगढ़ से काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर आए थे.


नेताओं की प्रतिक्रिया

हमले पर नेताओं ने जताई नाराजगी

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पहले पहलगाम और अनंतनाग में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और अब कुलगाम में प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और निर्दोष लोगों की हत्या की कड़ी निंदा की जानी चाहिए.

मैंने DGP, श्री नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से कुलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले के बाद बात की, जिसमें छत्तीसगढ़ का एक श्रमिक मारा गया। मैं इस कायराना कृत्य की कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने हमारे सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि वे अपने अभियान को तेज करें और…

— मनोज सिन्हा (@manojsinha_) 31 जुलाई, 2026


सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हमले की निंदा करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.


हमले की जिम्मेदारी का दावा

हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा

रिपोर्टों के अनुसार, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह संगठन पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा माना जाता है। सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों में संगठन ने बाहरी लोगों और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों पर आगे भी हमले करने की धमकी देने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.