कुलदीप यादव ने टीम में कम खेलने पर जताई चिंता
कुलदीप यादव की स्थिति पर खुलकर बात
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव ने हाल ही में अपनी स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में कम ही खेलने का मौका मिला है, जिससे वह निराश हैं। कुलदीप का मानना है कि जब टीम प्रबंधन उन्हें खेलने के लिए उपयुक्त नहीं मानता, तो यह उनके लिए बहुत निराशाजनक होता है।
कुलदीप यादव को एक अद्वितीय चाइनामैन गेंदबाज माना जाता है, लेकिन फिर भी उन्हें टीम में खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिलते। उन्होंने बताया कि कई बार टीम की रणनीति और संयोजन के कारण उन्हें बाहर रखा जाता है। राहुल द्रविड़ के कोच रहते हुए, उन्होंने नवंबर 2021 से जून 2024 के बीच तीनों प्रारूपों में 60 मैच खेले, जो कि हर महीने दो मैचों का औसत है। लेकिन वर्तमान कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में यह संख्या घटकर 38 रह गई है।
हाल के कुछ सीरीज में कुलदीप को टीम में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में चार तेज गेंदबाजों के साथ खेलने का निर्णय लिया गया, जिसके कारण कुलदीप को अंतिम मैच में बाहर रखा गया। श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें एक टेस्ट मैच के बाद बाहर कर दिया गया, जबकि उनकी जगह सारांश जैन को मौका दिया गया।
कुलदीप ने कहा कि जब वह टीम में होते हैं, तो वह खेलना चाहते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय टीम प्रबंधन की रणनीति पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें जितने मैच खेलने की उम्मीद थी, उससे कम अवसर मिले हैं। इस बीच, उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला और यॉर्कशायर के लिए तीन टेस्ट मैचों में 10 विकेट लिए, जिसमें उनकी औसत 12 रही।