कुल्लू में अवैध भांग की खेती पर पुलिस की कार्रवाई, 4,000 पौधे नष्ट
कुल्लू में नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अवैध भांग की खेती पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मनीकर्ण थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने लगभग 4,000 भांग के पौधे बरामद किए और उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार, ये पौधे थुचानी नाला और लपास गांव के आसपास उगाए गए थे। इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इन स्थानों पर अवैध खेती की थी।
थुचानी नाला के पास की कार्रवाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पहला मामला मनीकर्ण थाना क्षेत्र की जरी पुलिस चौकी से संबंधित है। यहां पुलिस टीम नियमित गश्त कर रही थी, तभी थुचानी नाला के पास भांग के अवैध पौधे दिखाई दिए। जांच के दौरान वहां लगभग 1,900 से 2,000 पौधे पाए गए। सभी पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यहां भांग की खेती किसने की थी।
लपास गांव में भांग की खेती
दूसरे मामले में, मनीकर्ण थाना पुलिस की टीम गश्त के दौरान झीड़ी रा फॉरेस्ट के पास लपास गांव पहुंची। यहां लगभग तीन बीघा जमीन पर भांग के करीब 2,000 पौधे उगाए गए थे। पुलिस ने सभी पौधों को नष्ट कर दिया। इस प्रकार, दोनों स्थानों से मिलाकर लगभग 4,000 अवैध भांग के पौधे हटाए गए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह खेती कब से की जा रही थी और इसके लिए किसकी भूमिका थी।
अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज
इन दोनों मामलों में अवैध खेती करने वालों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इसी कारण से, पुलिस ने मनीकर्ण थाना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20 के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इस कानून के तहत भांग के पौधों की अवैध खेती करना एक दंडनीय अपराध है। आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर की जाएगी। पुलिस की टीमें अब आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही हैं।