कुशीनगर में नारायणी नदी का प्रकोप, सीएम योगी ने राहत कार्यों का लिया जायजा
नारायणी नदी का उफान
उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में नारायणी नदी ने भयंकर तबाही मचाई है। तमकुहीराज तहसील के जवहीं दयाल एहतमाली के निकट अचानक एपी तटबंध टूट गया। तटबंध में लगभग 70 मीटर का कटाव होते ही तेज बहाव ने आसपास के क्षेत्रों में पानी फैला दिया। इसके परिणामस्वरूप लगभग 35 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जिससे ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों और बंधों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
मुख्यमंत्री का दौरा और राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रात में ही राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने स्वयं कुशीनगर का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
जनपद कुशीनगर में आज बाढ़ प्रभावित परिवारों के मध्य पहुंचकर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
माननीय जनप्रतिनिधि गण एवं जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटे हुए हैं।
आपदा की इस घड़ी में भाजपा की डबल इंजन सरकार सभी पीड़ितों के साथ… pic.twitter.com/umgOvG1inh
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 29, 2026
सरकार की सहायता और राहत सामग्री
सीएम योगी ने बताया कि नेपाल से छोड़े गए लगभग 5 लाख क्यूसेक पानी के दबाव के कारण तटबंध टूट गया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए घर और फसलों के नुकसान का मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए अगले छह दिनों तक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
सीएम ने सीएचसी और पीएचसी पर एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज के टीकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, बाधित सड़कों की मरम्मत और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने का आदेश दिया।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नारायणी नदी के जलस्तर और तटबंधों की मजबूती पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पूरा प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और राहत सामग्री बांटने में जुटा है।