कृषि मंत्री शिवराज सिंह का MSP सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश
कृषि मंत्री की उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन में NAFED और NCCF के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां बाजार मूल्य MSP से कम हैं, वहां किसानों से प्रभावी और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपार्जन की प्रगति की समीक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने NAFED और NCCF की उपार्जन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि किसानों को MSP का लाभ दिलाने के मिशन के रूप में लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में कीमतें MSP से नीचे हैं और खरीद अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है, तो यह किसानों के लिए उचित नहीं है।
खरीद में तेजी लाने की आवश्यकता
मंत्री ने दलहन-तिलहन, विशेषकर चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी फसलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां किसानों को MSP से कम दाम मिल रहे हैं, वहां खरीद में तेजी लाना अनिवार्य है। अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों की संख्या, खरीद क्षमता और अन्य बाधाओं की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
भुगतान प्रक्रिया में सुधार
शिवराज सिंह ने किसानों को समय पर भुगतान को एक संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि भुगतान प्रक्रिया को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना आवश्यक है। उन्होंने 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त SOP तैयार करने का निर्देश दिया।
राज्यों के साथ समन्वय
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जैसे राज्य पोर्टलों का एकीकरण और भुगतान में देरी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य की प्रक्रियाएं किसानों से खरीद में बाधा डाल रही हैं, तो केंद्र सरकार सक्रिय समन्वय के जरिए उनका समाधान करेगी।
किसानों का विश्वास
शिवराज सिंह ने कहा कि दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का राष्ट्रीय लक्ष्य तभी सफल होगा जब किसानों को यह विश्वास होगा कि उनकी उपज MSP पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को संकट में नहीं छोड़ना है, बल्कि उन्हें उचित मूल्य और त्वरित भुगतान के माध्यम से समर्थन देना है।
NAFED और NCCF को निर्देश
मंत्री ने NAFED और NCCF को निर्देशित किया कि वे उपार्जन में सुधार लाने के लिए समस्याओं की सूची बनाकर समाधान सहित प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में गंभीरता से काम कर रही है और उपार्जन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।