केंद्र सरकार का नया नियम: डीजल खरीद पर 200 लीटर की सीमा
नई डीजल खरीद नीति का ऐलान
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति या वाहन एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं खरीद सकेगा। इसके अलावा, फैक्ट्रियों, बड़ी कंपनियों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था फिलहाल 90 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है.
आम लोगों पर प्रभाव कम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का आम जनता पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा। सामान्य कार, बाइक, ट्रैक्टर और छोटे व्यावसायिक वाहन पहले की तरह पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद सकेंगे, लेकिन एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल लेने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
बाजार में असंतुलन की रोकथाम
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री में अचानक वृद्धि देखी गई थी। जांच में यह सामने आया कि बड़े उद्योग और व्यावसायिक संस्थान थोक बाजार से महंगा ईंधन खरीदने के बजाय सामान्य पेट्रोल पंपों से सस्ता डीजल खरीद रहे थे। इससे आम ग्राहकों के लिए ईंधन की कमी का खतरा उत्पन्न हो गया था। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह नया नियम लागू किया है.
डीजल की कीमतों में अंतर
दिल्ली में रिटेल पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत लगभग 95 रुपए प्रति लीटर है, जबकि थोक खरीदारों के लिए यही डीजल लगभग 134 रुपए प्रति लीटर उपलब्ध है। इस प्रकार, दोनों कीमतों में लगभग 40 रुपए प्रति लीटर का अंतर है। इसी कारण बड़ी कंपनियां रिटेल पंपों की ओर आकर्षित हो रही थीं, जिससे बाजार में असंतुलन बढ़ रहा था। सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें और पैनिक बाइंग से बचें। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.