केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय: ईंधन निर्यात पर ड्यूटी में कटौती
नई दिल्ली में ईंधन की कीमतों पर महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की कीमतों और टैक्स व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शनिवार, 30 मई को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 1 जून से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में भारी कमी की जाएगी। इस कदम से वैश्विक तेल व्यापार में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
ईंधन निर्यात पर ड्यूटी में कमी
सरकार के नए आदेश के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 13.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसके साथ ही, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर टैक्स में भी 9.5 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई है।
क्या घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें घटेंगी?
यदि आप घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको निराशा हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कटौती का घरेलू स्तर पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि घरेलू टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्णय तब लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है।
इस टैक्स का कारण क्या था?
सरकार ने इस विशेष टैक्स की शुरुआत 27 मार्च 2026 को की थी। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, इसलिए यह टैक्स लगाया गया था। इन कीमतों का अंतिम संशोधन 16 मई को हुआ था।
दिल्ली से हैदराबाद तक घरेलू दरें
आज रविवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। हालांकि, मई महीने में पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं।
कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये के पार
हालांकि आज कीमतें स्थिर हैं, लेकिन देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें आम जनता पर भारी पड़ रही हैं। हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 115 रुपये को पार कर चुकी है, जबकि कोलकाता में भी 110 रुपये से अधिक की कीमत चुकानी पड़ रही है। हालांकि, सरकार ने घरेलू स्तर पर एक्साइज ड्यूटी में पहले की गई कटौती में कोई बदलाव नहीं किया है।