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केंद्र सरकार ने 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया

केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। यह कार्रवाई यूएपीए के तहत की गई है और इसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने इन व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में संलग्न रहे हैं। जानें इस कार्रवाई के पीछे की वजह और आतंकवादियों की सूची में कौन-कौन शामिल हैं।
 

आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम

केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, जिसे यूएपीए (UAPA) के नाम से जाना जाता है, के तहत की गई है। सरकार का यह निर्णय आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का एक हिस्सा है।


आतंकवादी संगठनों से संबंध

इन 23 व्यक्तियों का संबंध मुख्य रूप से पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से है। इन्हें यूएपीए की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, ये लोग जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, घुसपैठ, प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और हमलों की योजना बनाने में संलग्न रहे हैं।


गृह मंत्रालय का नोटिफिकेशन

गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को आगे बढ़ाते हुए, 23 व्यक्तियों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।


मंत्रालय के अनुसार, ये सभी लोग भारत विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहे हैं। उन पर आतंकवादी हमले करवाने, आतंक फैलाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ कराने, आतंकवादी संगठनों के लिए लोगों की भर्ती करने और आतंकियों की सहायता करने के आरोप हैं। घोषित किए गए आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं।


आतंकवादियों की सूची

सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए व्यक्तियों में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसद्दिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शाकूर, अब्दुल्ला जेहादी, फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूक, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जाट, मोहम्मद शहीद फैसल, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और हारून राशिद गनई शामिल हैं।


साजिशों के आरोप

इस सूची में मसूद इलियास कश्मीरी का नाम भी है, जिस पर 2022 में जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। अधिसूचना के अनुसार, मसूद इलियास कश्मीरी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के रावलकोट में निवास करता है।


मोहम्मद मुश्ताक (जेईएम) पर सुंजवां हमले के लिए आतंकियों की घुसपैठ कराने और पूरे ऑपरेशन का समन्वय करने का आरोप है।


लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नाम

अधिसूचना के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े फिरदौस अहमद भट को संगठन का लॉजिस्टिक कमांडर बताया गया है। उस पर सीमा पार से घुसपैठ कराने और आतंकियों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने का आरोप है।


बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई पर लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के लिए सीमा पार आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने और हथियारों की आपूर्ति करने के आरोप लगाए गए हैं।