केंद्र सरकार ने NTA को परीक्षा प्रक्रियाओं का ऑडिट करने का निर्देश दिया
केंद्र का NTA को परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट करने का आदेश
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट करने और सुधारात्मक कदमों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह आदेश उन दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद जारी किया गया है, जो इस वर्ष प्रभावित हुईं।
बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद NTA को निर्देश
शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी साझा की। इससे पहले, एनटीए ने यूजीसी-नेट परीक्षा के तीन विषयों—अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा रद्द कर दी थी। प्रश्न पत्रों में कई तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां पाई गई थीं। इसके अलावा, लगभग दो महीने पहले 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा भी पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी।
'लापरवाही बर्दाश्त नहीं'
यह निर्देश शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिया गया। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि मंत्री को हालिया मुद्दों के संदर्भ में एनटीए द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी गई। साथ ही, एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का संपूर्ण ऑडिट करने और सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
मंत्रालय के अनुसार, एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है। साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न पत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। दस नए पेशेवर पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं, जैसे मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, और जनरल मैनेजर टेस्ट सिक्योरिटी, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन
बैठक में मंत्री जोशी ने परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस (कॉनॉप्स) आर्किटेक्चर, अलग कमरों, एयर-गैप्ड सिस्टम और डिवाइस जमा करने की व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने और युद्ध स्तर पर लागू करने के निर्देश भी दिए।
ये कदम परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बढ़ाने और भविष्य में गड़बड़ियों को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं। छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। सरकार अब एनटीए के कार्यों में बड़े सुधार लाने पर जोर दे रही है ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।