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केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT का गठन किया

केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT की अध्यक्षता IGP किरण एस करेंगी, जिसमें अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की जांच में फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने दान के ऑडिट की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि श्रद्धालुओं का पैसा ट्रस्ट तक पहुंचा या नहीं। इस मामले की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

नई दिल्ली में बड़ा निर्णय

केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT की अध्यक्षता इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) किरण एस करेंगी। जांच में दान, बैंक लेनदेन, UPI रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी, ताकि मामले की सभी जानकारी जनता के सामने आ सके।


जांच दल की संरचना

इस विशेष जांच दल में एक डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), एक सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) और एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) शामिल हैं। यह SIT मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को सौंपेगी।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान में कथित गड़बड़ी के मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को कहा कि SIT में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल किया जाए, ताकि दान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच की जा सके। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और अन्य न्यायाधीशों ने SIT को जांच की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।


याचिकाकर्ताओं की मांग

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान का पूरा ऑडिट होना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं को यह जानने में मदद मिलेगी कि उनका पैसा ट्रस्ट तक पहुंचा या नहीं। उन्होंने दान और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की भी मांग की।