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केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाए एहतियाती कदम

मध्य पूर्व एशिया में युद्ध जैसे हालात के चलते, केंद्र सरकार ने देशभर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को ईरान के समर्थन या विरोध में संभावित प्रदर्शनों के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर देश के विभिन्न हिस्सों में हो सकता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है। जम्मू-कश्मीर में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है।
 

कानून-व्यवस्था के लिए एहतियाती कदम

मध्य पूर्व एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में, केंद्र सरकार ने देशभर में कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर ईरान के समर्थन या विरोध में संभावित प्रदर्शनों के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया है।


पत्र में उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में देखा जा सकता है। यदि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ईरान के पक्ष या विपक्ष में प्रदर्शन होते हैं, तो स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देने की बात कही है।


इसके अलावा, पत्र में चेतावनी दी गई है कि कुछ असामाजिक तत्व या संगठित समूह प्रदर्शनों का लाभ उठाकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे संभावित साजिशों को विफल करने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


गृह मंत्रालय ने राज्यों को सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कहा है, ताकि अफवाहों के जरिए तनाव फैलाने की कोशिशों को समय पर रोका जा सके। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यकतानुसार एहतियाती कदम उठाने के लिए भी निर्देशित किया गया है।


केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का सख्ती से सामना किया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।


गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हो गई, जिसके बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदेश सरकारें इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लगा रही हैं। लोग खामेनेई के समर्थन में इजरायल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका प्रभाव राज्यों की कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है।


जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।