×

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर कड़ा एक्शन लिया

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के शहज़ाद भट्टी नेटवर्क पर कड़ा एक्शन लेते हुए इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि यह नेटवर्क युवाओं को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ सीमा पार से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की जानकारी दी, जो प्रधानमंत्री मोदी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में 9 महीने तक चले अभियान में 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया। यह नेटवर्क विशेष रूप से सोशल मीडिया का उपयोग कर युवाओं को निशाना बना रहा था।
 

केंद्र का बड़ा कदम

नई दिल्ली: भारत सरकार ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' (SBN) के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय ने इस नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया है। मंत्रालय ने बताया कि यह समूह सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था, साथ ही युवाओं को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा था।


जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

अमित शाह के कार्यालय से जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस निर्णय की जानकारी साझा की। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह प्रतिबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए लगाया गया है। यह गिरोह न केवल नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी कर रहा था, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के लिए विषाक्त डिजिटल सामग्री भी फैला रहा था।


सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

नौ महीने का अभियान
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस आतंकी गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। स्वतंत्रता दिवस से पहले, सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में 9 महीने तक चले एक गुप्त अभियान के तहत इस नेटवर्क पर शिकंजा कसा। इस राष्ट्रव्यापी कार्रवाई में शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 200 से अधिक सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिससे उनके खतरनाक नेटवर्क को कमजोर किया गया।


सोशल मीडिया का दुरुपयोग

आतंकी भर्ती के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
जांच में यह सामने आया कि यह नेटवर्क हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश की संप्रभुता को चुनौती देने के लिए डिजिटल संचार प्लेटफार्मों का सहारा ले रहा था। शहज़ाद भट्टी नेटवर्क विशेष रूप से इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहा था, जहां यह 18 से 30 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। इन युवाओं को पैसे और झूठे वादों का लालच देकर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा था।