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केजरीवाल ने पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान की शुरुआत की

अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण की सफलता के बाद, अब यह नया चरण शुरू हो रहा है। केजरीवाल ने नशे की समस्या को केवल पंजाब तक सीमित नहीं बताया, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसे फैलने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले सरकारों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और नशा मुक्त पंजाब का संकल्प लिया। जानें इस अभियान की विशेषताएँ और केजरीवाल का दृष्टिकोण।
 

नशे के खिलाफ युद्ध का दूसरा चरण


कहा, अन्य राज्यों में भी नशा बिकता है लेकिन सरकारें अनजान हैं


फगवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध अभियान का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पहले चरण की सफलता के बाद, यह नया चरण आज से शुरू हुआ है। पहले चरण की शुरुआत 1 मार्च 2025 को हुई थी, और इसे लागू करने में जो ईमानदारी और मेहनत दिखाई गई, वह अद्वितीय थी। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब में नहीं है, बल्कि हरियाणा, गुजरात, दिल्ली और अन्य राज्यों में भी नशा खुलेआम बिकता है, लेकिन वहां की सरकारें इस पर ध्यान नहीं देतीं।


पिछली सरकारों की निष्क्रियता

केजरीवाल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी, तब नशा हर गली और घर में पहुंच गया था। यह वह समय था जब पंजाब नशे की गिरफ्त में था, जिसके कारण 'उड़ता पंजाब' फिल्म बनी। उन्होंने यह भी बताया कि कई बड़े नेता नशे के कारोबार में शामिल थे। इसके बाद, कैप्टन अमरिंदर ने नशे को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन उनकी सरकार ने कुछ नहीं किया।


नशा मुक्त पंजाब का संकल्प

केजरीवाल ने कहा कि पिछले साल 1 मार्च से नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि हमें सही तैयारी करने में समय लगा, लेकिन जब हमने कार्रवाई शुरू की, तो वह अद्वितीय थी। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा तस्कर खतरनाक होते हैं, लेकिन हमने वादा किया है कि हम पंजाब को नशा मुक्त बनाएंगे और बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेंगे।