केजरीवाल ने पीएम मोदी से अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाए
केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस अवसर पर उन्होंने पीएम मोदी से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिसमें देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में अर्थव्यवस्था की दिशा क्या होगी?
पीएम मोदी की अपील
रविवार को हैदराबाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील की थी कि वे वर्क फ्रॉम होम करें, विदेश यात्रा से बचें और एक साल के लिए सोना खरीदना बंद करें। उन्होंने यह सुझाव भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के संदर्भ में दिया। इस पर केजरीवाल ने पीएम मोदी की सात अपीलों का उल्लेख किया।
पीएम की अपीलें
पीएम मोदी की अपीलें इस प्रकार हैं:
- वर्क फ्रॉम होम
- विदेश यात्रा से बचें
- सोना खरीदना बंद करें
- पेट्रोल-डीजल की बचत करें
- खाद का कम से कम उपयोग करें
- विदेशी सामान का कम से कम उपयोग करें
- खाने के तेल का कम उपयोग करें
देश की स्थिति पर केजरीवाल की चिंता
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 1950 में स्वतंत्रता प्राप्त की थी और इसके बाद कई संकटों का सामना किया, लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने इतनी कठोर अपील नहीं की। उन्होंने याद दिलाया कि लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन एक साथ सात अपीलें किसी ने नहीं की। केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी की अपील से पूरा देश सदमे में है।
केजरीवाल की तीन गुजारिशें
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से तीन महत्वपूर्ण गुजारिशें कीं। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने ऐसे कठोर कदम उठाने के लिए कहा है, तो इसका मतलब है कि देश की आर्थिक स्थिति गंभीर है। उन्होंने यह भी पूछा कि देश की जनता को यह जानने का हक है कि हम वर्तमान में किस स्थिति में हैं।
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल
उन्होंने मोदी सरकार से सीधा सवाल किया कि पीएम को जनता को अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में बताना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सभी लोग देशभक्त हैं और अपने देश के लिए बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें यह जानने का हक है कि ये कदम क्यों उठाए जा रहे हैं। केवल आदेश देने से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी की अपील का कारण अमेरिका और ईरान के बीच का युद्ध हो सकता है, लेकिन गिरती अर्थव्यवस्था के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये सभी उपाय केवल मध्यम वर्ग के लिए ही क्यों हैं और प्रधानमंत्री, मंत्री, अधिकारी और धनाढ्यों को इस तरह का त्याग क्यों नहीं करना चाहिए?