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केजरीवाल ने राम मंदिर चोरी पर उठाया सवाल, सुंदरकांड पाठ का आयोजन

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी के मामले में भाजपा पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने रविवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया, जिसमें हनुमान जी से प्रार्थना की कि चोरों को सख्त सजा मिले। इस कार्यक्रम के बाद एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया जाएगा। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह चंदा चोरी और डकैती के मामलों में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। जानें इस मामले में और क्या कहा केजरीवाल ने।
 

राम मंदिर चोरी पर केजरीवाल की प्रतिक्रिया

राम मंदिर चोरी विवाद: अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी के मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि वह सुंदरकांड पाठ का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें वह हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे कि राम मंदिर में चोरी करने वालों को कड़ी सजा मिले।

आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स पोस्ट में जानकारी दी कि 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 11:30 बजे दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-10 स्थित जापानी पार्क के JMD टेंट में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। केजरीवाल ने लिखा, “हम हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे कि राम मंदिर में डकैती करने वालों को सख्त सजा मिले और इसके बाद देशभर में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेंगे।”

आज रोहिणी में सुंदरकांड का पाठ है। आप ज़रूर आयें

JMD टेंट , जापानी पार्क, सेक्टर-10, रोहिणी, दिल्ली

समय – 11.30 am

श्री राम मंदिर में डकैती करने वाले लोगों को सख्त सज़ा मिले, इसके लिए हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे और उनसे आशीर्वाद लेकर देशभर में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत…

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 12, 2026

इससे पहले, केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 12 जुलाई को सुबह 10 बजे रोहिणी के सेक्टर 10 में जापानी पार्क के JMD टेंट में सुंदरकांड का पाठ होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हाल की घटनाएं दर्शाती हैं कि केंद्र सरकार उन लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है जो राम मंदिर में “चंदा चोरी” और “डकैती” के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भूमि लेन-देन, निर्माण कार्यों के ठेके और मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं की गई है।