केजरीवाल ने शराब घोटाले में कोर्ट से मिली राहत के बाद चुनाव की चुनौती दी
केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव की चुनौती
नई दिल्ली। शराब घोटाले के मामले में अदालत से बरी होने के बाद, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी दिल्ली में 10 से अधिक सीटें जीतती है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
केजरीवाल ने न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए जज का आभार व्यक्त किया और उन वकीलों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से उन पर अत्याचार किया गया और ईडी तथा सीबीआई का इस्तेमाल करके उन पर आरोप लगाए गए। अदालत ने आज यह स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है और यह एक फर्जी मामला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का षड्यंत्र है, और उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में केवल ईमानदारी से काम किया है और बीजेपी ने उसी पर हमला किया। अदालत के फैसले ने साबित कर दिया कि वह कट्टर ईमानदार हैं।
केजरीवाल ने आगे कहा कि उनके परिवार ने भी इस दौरान कठिनाइयों का सामना किया है, और मनीष सिसोदिया की पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के षड्यंत्र का खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने फिर से चुनाव कराने की मांग की और कहा कि यदि बीजेपी को 10 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत के खिलाफ बयान दे रहे हैं, जबकि मोदी कुछ नहीं कह रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को सकारात्मक कार्य करके सत्ता में आना चाहिए। अदालत ने अपने आदेश में सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जो पहले कभी नहीं हुआ।