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केतन अग्रवाल हत्या मामले में नया खुलासा: सिया गोयल की गुप्त कॉल ने बढ़ाई साजिश की परतें

महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिला है। सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन को खाई में धकेलने से पहले अपने प्रेमी चेतन चौधरी को गुप्त कॉल की थी। फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि इस कॉल के दौरान सिया ने अपनी लोकेशन साझा की थी। इसके अलावा, दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने चैट्स डिलीट कर दिए थे। जानें इस हत्या की साजिश के पीछे की पूरी कहानी।
 

मुंबई में केतन अग्रवाल की हत्या का मामला


मुंबई: महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिला है। पुणे ग्रामीण पुलिस की तकनीकी निगरानी टीम ने खुलासा किया है कि 18 जून को, जब आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन को खाई में धकेलने से 34 मिनट पहले अपने प्रेमी चेतन चौधरी को एक गुप्त कॉल की थी। पुलिस का मानना है कि यह कॉल हत्या की साजिश का अंतिम संकेत था।


फॉरेंसिक जांच से मिली जानकारी

फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल फोन की गहन जांच और कॉल डिटेल्स के विश्लेषण के बाद पुलिस को पता चला कि इस कॉल के दौरान सिया ने किले के एक विशेष व्यूप्वाइंट से चेतन को अपनी सटीक लोकेशन बताई थी। उसने यह सुनिश्चित किया कि उस समय आसपास कोई अन्य पर्यटक न हो, ताकि हत्या बिना किसी गवाह के की जा सके।


सबूत मिटाने की कोशिश

साजिश को छिपाने के लिए दोनों आरोपियों ने पिछले तीन महीनों के सभी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट्स और वॉयस नोट्स को तुरंत डिलीट कर दिया था। पुलिस की साइबर विंग अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से इस डेटा को पुनर्प्राप्त करने में जुटी है। पुलिस इस मामले को मजबूत बनाने के लिए रिकवर किए गए डेटा, लोकेशन लॉग्स और इंटरनेट आईपी एड्रेस का मिलान कर रही है, ताकि अदालत में इस सोची-समझी हत्या को साबित किया जा सके।


सिया की शादी से असंतोष

सिया गोयल नवंबर में होने वाली अपनी शादी से नाखुश थी। उसकी केतन अग्रवाल के साथ इसी साल नवंबर में शादी तय थी, लेकिन वह इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थी। सिया की चेतन चौधरी से मुलाकात उसके भाई के जरिए एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी, जो बाद में एक सामान्य मित्र की मदद से गहरी दोस्ती में बदल गई।


पहले प्रयास की झूठी कहानी

जांच में यह भी सामने आया है कि इस हत्या की योजना को मई के अंत में अंतिम रूप दिया गया था। सिया ने पहले 14 जून को केतन को किले से नीचे धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने एक झाड़ी को पकड़कर अपनी जान बचा ली थी। पकड़े जाने के डर से सिया ने उस समय यह कहानी बनाई कि वहां सांप आ गया था और हड़बड़ाहट में उसका हाथ केतन को लग गया। इसके बाद, 18 जून को फिर से प्रयास किया गया, जहां चेतन खुद बाइक से लोहगढ़ किले पहुंचा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस बार केतन बच न पाए।