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केतन अग्रवाल हत्या मामले में नया मोड़: तीसरे युवक की पहचान और सिया गोयल का विवादित इशारा

केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच में नए मोड़ आ रहे हैं। सिया गोयल का विवादास्पद इशारा और एक तीसरे युवक की पहचान ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस ने सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हुए हैं और पुलिस की जांच प्रक्रिया क्या है।
 

जांच में नए खुलासे

नई दिल्ली: केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल को उसके निवास और अन्य स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की, जबकि मीडिया के सामने उसके द्वारा किए गए विवादास्पद इशारे ने भी मामले को चर्चा का विषय बना दिया। इस बीच, एक तीसरे युवक का नाम भी सामने आया है, जिसे पुलिस सूत्रों के अनुसार, कथित साजिश की पूर्व जानकारी थी।


सिया गोयल का विवादास्पद इशारा

गुरुवार को जब पुलिस सिया गोयल को उसके घर से बाहर ले जा रही थी, तब उसने मीडिया कैमरों की ओर मिडिल फिंगर दिखाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। हालांकि, पुलिस ने इस व्यवहार पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और उनका ध्यान हत्या की जांच पर केंद्रित है।


तीसरे युवक की भूमिका

पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सभी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर घटनाओं का पुनर्निर्माण किया गया। सूत्रों के मुताबिक, तीसरा युवक चेतन का सहपाठी है, जो महाराष्ट्र के बीड जिले का निवासी है और पुणे में एक निजी कंपनी में काम करता है। पुलिस का दावा है कि चेतन और सिया ने उसे केतन को रास्ते से हटाने की योजना के बारे में बताया था।


पुलिस की जांच प्रक्रिया

पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि युवक ने दोनों आरोपियों को योजना पर आगे न बढ़ने की सलाह दी थी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि युवक को योजना की कितनी जानकारी थी और घटना के बाद उसकी आरोपियों से क्या बातचीत हुई। पुलिस यह भी देख रही है कि केतन की मौत के बाद चेतन सबसे पहले इसी युवक से मिला था।


पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति

पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत से सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पुलिस का कहना है कि अदालत की मंजूरी मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पॉलीग्राफ टेस्ट के माध्यम से जांच एजेंसियां आरोपियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच सामंजस्य की जांच करना चाहती हैं।


फोरेंसिक जांच

पुलिस ने सिया गोयल के घर से 18 जून को पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके।