×

केरल पुलिस ने 2000 अवैध लोन ऐप और 5000 फर्जी वेबसाइटों पर लगाई रोक

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने हाल ही में साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। पुलिस ने 2000 अवैध लोन ऐप और 5000 से अधिक फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाई है। यह कदम राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर उठाया गया है, जहां पिछले वर्ष 42,000 से अधिक मामले दर्ज हुए थे। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और सरकार की योजना क्या है।
 

साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई


केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को जानकारी दी कि पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए लगभग 2,000 अवैध लोन ऐप और 5,000 से अधिक फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाई है।


उन्होंने बताया कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है।


यह जानकारी मंत्री ने कांग्रेस विधायक अबिन वार्की के सवाल का जवाब देते हुए दी।


वार्की ने बताया कि केरल में साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, और राज्य इस मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।


उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राज्य में 42,000 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए, जिससे 814 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।


मंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य में साइबर अपराध का स्तर काफी बढ़ चुका है, और हर जिले से 1,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।


उन्होंने कहा कि केरल पुलिस पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत कार्रवाई कर रही है।


इसके अलावा, फर्जी वेबसाइटों और अवैध लोन ऐप पर भी रोक लगाई जा रही है।


उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की बिना मंजूरी वाले 1,836 लोन ऐप और वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल 5,000 से अधिक वेबसाइटों पर पुलिस ने कार्रवाई की है।


चेन्निथला ने यह भी कहा कि साइबर पैट्रोलिंग का कार्य भी जारी है।