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केरल में 19 दवाओं के मानक से नीचे पाए जाने की रिपोर्ट

केरल के औषधि नियंत्रण विभाग ने हाल ही में 19 दवाओं को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है। इनमें सामान्य उपयोग की कई दवाएं शामिल हैं, जैसे लोपेरामाइड और पैरासिटामोल। यह रिपोर्ट विभिन्न राज्यों में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता पर चिंता जताती है। जानें और कौन सी दवाएं इस सूची में शामिल हैं और उनके निर्माताओं के बारे में।
 

दवाओं की गुणवत्ता पर चिंता


केरल के औषधि नियंत्रण विभाग ने अगस्त 2026 में की गई प्रयोगशाला जांच के परिणामों के आधार पर 19 दवा नमूनों को 'मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं' घोषित किया है। इनमें कई सामान्य उपयोग की जाने वाली दवाएं शामिल हैं, जैसे लोपेरामाइड हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, डिक्लोफेनाक सोडियम टैबलेट, फोलिक एसिड टैबलेट, मोंटेलुकास्ट टैबलेट, पैरासिटामोल टैबलेट और टेल्मिसार्टन टैबलेट।


अन्य संदिग्ध उत्पाद

इस सूची में अन्य उत्पादों में कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट, साइक्लोफॉस्फेमाइड टैबलेट, गैस्ट्रो-राफ्ट च्यूएबल टैबलेट, सोडियम बाइकार्बोनेट टैबलेट, एनालाप्रिल मैलेट टैबलेट और ओमेप्राज़ोल कैप्सूल शामिल हैं।


औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा जारी की गई सूची में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन दवाओं का उत्पादन विभिन्न राज्यों जैसे हरियाणा, केरल, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में स्थित कंपनियों द्वारा किया गया था।


निर्माताओं की जानकारी

स्विस गार्नियर लाइफ साइंसेज और केरल स्टेट ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड द्वारा निर्मित टेल्मिसार्टन टैबलेट का नाम सूची में कई बार आया है। इसी तरह, हीलर्स लैब यूनिट II द्वारा निर्मित पैरासिटामोल टैबलेट भी कई प्रविष्टियों में शामिल है।


इस सूची में विद्याश फार्मा और फाइनक्योर फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित अन्य दवाएं भी शामिल हैं।


नमूनों की जानकारी

औषधि नियंत्रण विभाग ने उन नमूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की है जो मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसमें निर्माता का नाम, बैच नंबर और निर्माण एवं समाप्ति तिथियां शामिल हैं।