×

केरल में दलित छात्र की मौत पर उभरे विवाद और विरोध प्रदर्शन

केरल में 22 वर्षीय दलित छात्र नितिन राज की मौत ने जातिगत भेदभाव के गंभीर मुद्दे को उजागर किया है। कॉलेज में शिक्षकों द्वारा अपमानित किए जाने के आरोपों के बीच, नितिन की आकस्मिक मृत्यु ने राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि परिवार न्याय की मांग कर रहा है। जानें इस दुखद घटना के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।
 

दलित छात्र की दुखद मौत

केरल में 22 वर्षीय दलित छात्र नितिन राज आर एल की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। आरोप है कि कॉलेज के शिक्षकों ने उसे बार-बार जाति, रंग और उसके माता-पिता के श्रमिक होने के कारण अपमानित किया। नितिन दंत चिकित्सा के पहले वर्ष का छात्र था।


घटना का विवरण

नितिन तिरुवनंतपुरम के उज़मलक्कल गांव का निवासी था। शुक्रवार को कन्नूर जिले के अंजारकंडी में कन्नूर डेंटल कॉलेज के परिसर में एक इमारत से गिरने के बाद उसकी मृत्यु हो गई। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में अनैतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। नितिन के परिवार का कहना है कि इसमें कुछ गलत हुआ है। उसकी बहन निकिता ने बताया कि मौत से दो घंटे पहले नितिन ने उनसे बात की थी। उन्होंने कहा, 'वह कॉलेज की इमारत से नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज की इमारत से गिरा था। हम जानना चाहते हैं कि वास्तव में क्या हुआ।'


ऑडियो क्लिप का खुलासा

रविवार को एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें नितिन ने बताया कि शिक्षकों ने उसे कैसे अपमानित किया। क्लिप में वह कहते हैं, 'एक शिक्षक ने मुझे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। मेरी उत्तर पत्रिका को क्लास में सबके सामने दिखाया गया और गलतियों पर मजाक बनाया गया। कल उन्होंने मेरी मां का मजाक उड़ाया। स्टाफ रूम से बाहर निकलकर उन्होंने मुझे ईडियट कहा। मैंने जवाब दिया 'सेम टू यू'। स्टाफ रूम में तो गैंग अटैक होता है। टीचर ने कहा कि अगर मैंने बाहर मुंह खोला तो हाथ-पैर काट दूंगा। फिर मैंने कहा कि हिम्मत है तो करके दिखाओ।'


कॉलेज की कार्रवाई

इस घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने रविवार को एक विभाग प्रमुख और एक एसोसिएट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। कॉलेज ने आरोपों की जांच के आदेश भी दिए हैं। नितिन पिछले साल सितंबर में इस सेल्फ-फाइनेंसिंग कॉलेज में दाखिल हुआ था।


राज्यव्यापी विरोध

छात्र की मृत्यु के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग ने कन्नूर पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। आयोग के सदस्य के. बैजूनाथ ने पूरी घटना की जांच करने के निर्देश दिए हैं।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, 'पुलिस को जाति और रंग के आधार पर अपमान की शिकायत को गंभीरता से लेना चाहिए। केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा। केरल, जो खुद को प्रगतिशील कहता है, वहां दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं।'


जांच की प्रगति

पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पूछ रहा है कि क्या नितिन को इतना अपमान सहने के बाद आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया या कुछ और हुआ।