☰
×

केरल विधानसभा में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर हंगामा

केरल विधानसभा में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर हंगामा हुआ, जिसके चलते विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। माकपा विधायक वी जॉय ने इस मुद्दे को उठाते हुए पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने हिंसा के पीछे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका बताई। इस घटना की जांच की मांग की जा रही है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

केरल विधानसभा में हंगामा


सोमवार को केरल विधानसभा में तिरुवनंतपुरम स्थित विश्वविद्यालय छात्रावास में छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के मामले को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर 'काम रोको प्रस्ताव' लाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।


माकपा विधायक वी जॉय ने टूटी हुई पुलिस लाठी और छात्रों पर हुए हमले की तस्वीरें दिखाते हुए इस मुद्दे को उठाया। यह घटना 30 सितंबर को छात्रावास के पास स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के दौरान हुई थी।


श्री जॉय ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने छात्रावास के भीतर पुलिस के प्रवेश और छात्रों के साथ मारपीट पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना के दौरान छात्रों और पत्रकारों को आई चोटों का भी उल्लेख किया।


गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हिंसा तब शुरू हुई जब विरोध मार्च निकाल रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छात्रावास से बीयर की बोतलें फेंकी गईं। उन्होंने कहा कि झड़प के दौरान पत्थर और अन्य वस्तुएं भी फेंकी गईं, जिससे पुलिसकर्मी घायल हुए।


गृह मंत्री ने पुलिस बल की संरचना में बदलाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना के दौरान तैनात पुलिसकर्मी उसी बल का हिस्सा हैं, जिसने पूर्व सरकार के दौरान भी सेवाएं दी थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों के आवासों पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिशों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।


उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री इस घटना की जांच के आदेश दे सकते हैं और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कराने का भी संकेत दिया।


नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने सरकार के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के मार्च के दौरान छात्रावास की बिजली गुल होने के बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने पुलिस पर बिना किसी कारण छात्रों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और सरकार के रुख पर सवाल उठाए।


विपक्ष ने मांग की कि छात्रावास के भीतर पुलिस कार्रवाई की व्यापक जांच हो और ज्यादतियों के लिए जवाबदेही तय की जाए। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पथराव और हिंसा को देखते हुए पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।


यह झड़प मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर निकाले जा रहे युवा कांग्रेस और केएसयू के मार्च के दौरान हुई थी। केरल विश्वविद्यालय हॉस्टल के पास दोनों गुटों के बीच पथराव और जलती हुई वस्तुएं फेंकने से माहौल बिगड़ गया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।


अध्यक्ष द्वारा काम रोको प्रस्ताव की अनुमति न दिए जाने और पुलिस ज्यादती के आरोपों पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया।