कॉकरोच जनता पार्टी का विवाद: हाई कोर्ट में पहुंचा मामला
कॉकरोच जनता पार्टी का कानूनी संघर्ष
सोशल मीडिया पर हलचल मचाने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) आंदोलन और केंद्र सरकार के बीच का विवाद अब अदालतों तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर इस डिजिटल संगठन के सोशल मीडिया हैंडल्स पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस कानूनी लड़ाई में पार्टी का प्रतिनिधित्व एक प्रसिद्ध वकील करेंगे।
प्रसिद्ध वकील का समर्थन
दिल्ली हाई कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी का पक्ष वरिष्ठ वकील नकुल गांधी पेश करेंगे, जो 'एनजी लॉ चेंबर्स' से जुड़े हैं। गांधी ने 2012 में एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से कानून की डिग्री प्राप्त की थी और वे 'करंजावाला एंड कंपनी' जैसी प्रमुख कानूनी फर्मों में काम कर चुके हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे, कलकत्ता और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर चुके हैं।
सरकार पर आरोप
अभिजीत दीपके, जो अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके हैं और पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं, ने सरकार की इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित है। दीपके का आरोप है कि पहले उनके अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई और जब वह असफल रहे, तो कानूनी प्रतिबंध लगाया गया। हालांकि, उन्होंने 'एक्स' पर एक नया बैकअप अकाउंट बना लिया है।
इंस्टाग्राम पर संकट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगभग 1.9 मिलियन फॉलोअर्स रखने वाले इस संगठन के मुख्य पेज को लेकर भी एक नया संकट उत्पन्न हुआ है। दीपके ने बताया कि उनका व्यक्तिगत इंस्टाग्राम हैंडल और पार्टी का मुख्य पेज दोनों हैक कर लिए गए हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को सूचित किया है कि उनकी टीम इन अकाउंट्स का संचालन नहीं कर पा रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इस विवाद के बढ़ने का कारण नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला है। कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया था। इसके बाद दीपके ने कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके स्क्रीनशॉट भी उन्होंने साझा किए हैं।
पार्टी का उदय
यह अनोखी पार्टी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की 15 मई को की गई एक टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई, जिसमें उन्होंने फर्जी डिग्री वाले वकीलों को 'परजीवी' और 'कॉकरोच' कहा था। इसके अगले दिन, 16 मई को, यह व्यंग्यात्मक राजनीतिक पार्टी स्थापित हुई। इस आंदोलन को बेरोजगार युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकारों का भारी समर्थन मिला है।