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कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक: ICMR की नई स्टडी से मिली राहत

एक नई अध्ययन में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने यह स्पष्ट किया है कि कोरोना वैक्सीन लेने से हार्ट अटैक का खतरा नहीं बढ़ता। इस अध्ययन में 25 प्रमुख अस्पतालों के डेटा का विश्लेषण किया गया है, जिसमें यह पाया गया कि धूम्रपान और खराब जीवनशैली जैसे कारक हार्ट अटैक के मुख्य कारण हैं। जानें इस अध्ययन के अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष और स्वास्थ्य विभागों की सलाह।
 

कोरोना वैक्सीन की सुरक्षा पर नई जानकारी

चंडीगढ़: कोरोना महामारी के बाद से वैक्सीनेशन की सुरक्षा और हार्ट अटैक के मामलों को लेकर जो चिंताएं थीं, अब उन पर पूर्ण विराम लग गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा किए गए एक व्यापक अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है कि कोविशिल्ड (Covishield) और कोवैक्सिन (Covaxin) लेने से वयस्कों में हार्ट अटैक या खून के थक्के जमने का कोई खतरा नहीं है। इस रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद, वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित लोगों को बड़ी राहत मिली है।


विस्तृत अध्ययन का विवरण

आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में देश के 25 प्रमुख अस्पतालों को शामिल किया गया। इस अध्ययन में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) लुधियाना और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के विशेषज्ञ भी शामिल थे। शोधकर्ताओं ने 18 से 45 वर्ष के युवाओं पर यह अध्ययन किया, क्योंकि वैश्विक स्तर पर वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर बहस चल रही थी। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि क्या वैक्सीन का युवाओं की जीवनशैली या चिकित्सा जोखिमों से कोई संबंध है।


हार्ट अटैक के कारण

विशेषज्ञों ने पाया कि इस आयु वर्ग में हार्ट अटैक या ब्लड क्लॉटिंग के लिए वैक्सीन नहीं, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा और खराब जीवनशैली जिम्मेदार हैं। रिसर्च में धूम्रपान, पहले से मौजूद गंभीर बीमारियां, पारिवारिक क्लॉटिंग डिसऑर्डर का इतिहास और गंभीर कोरोना संक्रमण को इसके मुख्य कारणों के रूप में पहचाना गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि वैक्सीन लेने वालों में कोई अतिरिक्त जोखिम नहीं पाया गया है।


वैज्ञानिक आंकड़ों का विश्लेषण

वैज्ञानिकों ने अक्टूबर 2021 से जनवरी 2023 के बीच अस्पतालों में भर्ती हुए सैकड़ों मरीजों के डेटा का गहन विश्लेषण किया। जांच में यह सामने आया कि जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दो या अधिक खुराक ली थीं, उनमें हार्ट अटैक का कोई खतरा नहीं बढ़ा। कोविशिल्ड और कोवैक्सिन के अलग-अलग विश्लेषण में भी यही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। आईसीएमआर ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभागों को सलाह दी है कि वे वैक्सीन के डर को छोड़कर धूम्रपान कम करने, पुरानी बीमारियों को नियंत्रित करने और गंभीर कोरोना से उबर चुके मरीजों की सेहत की निगरानी पर ध्यान केंद्रित करें।