कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन: 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम पर जोर
कोलकाता में योग दिवस का उत्सव
कोलकाता: आज पूरी दुनिया 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जश्न में डूबी हुई है। इस साल, भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र कोलकाता को इस वैश्विक आयोजन का केंद्र बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं। इस भव्य सत्र की शुरुआत थोड़ी ही देर में होने वाली है, जिसने देश और दुनिया में नई ऊर्जा का संचार किया है। इस बार का योग दिवस डिजिटल और भौतिक दोनों स्तरों पर एक नई उपलब्धि की ओर अग्रसर है।
थीम: 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग'
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2026) की आधिकारिक थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है। यह थीम उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण, भावनात्मक लचीलापन और सक्रिय जीवनशैली को बनाए रखने में योग के महत्व को उजागर करती है।
कोलकाता में 10 लाख लोगों का योग सत्र
रेड रोड पर मुख्य मंच सज चुका है, जहां सुबह से ही कार्यक्रम की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस मुख्य आयोजन में लगभग 35,000 लोग सीधे प्रधानमंत्री के साथ 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' का अभ्यास करेंगे। पूरे कोलकाता में विभिन्न पार्कों और मैदानों में मिलाकर लगभग 10 लाख लोगों के इस महा-योग सत्र में भाग लेने की उम्मीद है। पीएम मोदी का यह नेतृत्व योग को स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक वैश्विक आंदोलन बनाने के भारत के संकल्प को और मजबूत करेगा।
वैश्विक स्तर पर योग का प्रभाव
आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष योग दिवस को लेकर विश्वभर में अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के सहयोग से, भारतीय मिशनों द्वारा दुनिया भर में लगभग 2,500 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंत्रालय के 'योग संगम पोर्टल' ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है, जहां संगठनात्मक पंजीकरण का आंकड़ा 6 लाख को पार कर चुका है।
योग और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर
इस बार योग दिवस को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ा गया है। संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संयुक्त प्रयासों से देश की 100 ऐतिहासिक और प्रसिद्ध जगहों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें नई दिल्ली का लाल किला, लेह की वादियां, हरिद्वार के घाट, कोणार्क, हम्पी, महाबलीपुरम, मुंबई, नालंदा, अहमदाबाद, सारनाथ, हैदराबाद और सिलचर जैसी 12 प्रमुख जगहें शामिल हैं, जहां प्राचीन इतिहास के साए में आधुनिक योग की शक्ति को महसूस किया जा रहा है।