कौमी इंसाफ मोर्चा का राज्यपाल आवास की ओर मार्च, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
हरियाणा में प्रदर्शन की तैयारी
हरियाणा समाचार: पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्चा अपनी मांगों को लेकर शनिवार को राज्यपाल के निवास की ओर बढ़ रहा है। इस प्रदर्शन के मद्देनजर चंडीगढ़ जाने वाले मार्गों को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का उपयोग किया। मोर्चा जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग कर रहा है।
कई नेता हिरासत में लिए गए
चंडीगढ़ की ओर बढ़ते समय कई सिख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान को भी चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस या प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि वह राज्यपाल के निवास के निकट पहुंच गए थे।
मुख्य मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शनकारियों के चंडीगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना को देखते हुए, पुलिस ने मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर आवाजाही बंद कर दी है। मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।
पुलिस की सतर्कता
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर 29 जुलाई को 'वारिस पंजाब दे' के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के बाद, पुलिस इस बार अधिक सतर्क है। प्रदर्शनकारियों के चंडीगढ़ की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए, शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारी जिन सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, उनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आतंकवाद और हत्या जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से जेल में हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि ये सभी अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं, इसलिए इन्हें रिहा किया जाना चाहिए।