क्या अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया? जानें सच्चाई
नई दिल्ली में 'संसद चलो' मार्च के दौरान भ्रम की स्थिति
नई दिल्ली: परीक्षा सुधारों और पेपर लीक के खिलाफ आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बारे में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पहले संगठन ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन थोड़ी देर बाद इस दावे को वापस लेते हुए स्पष्ट किया गया कि न तो उन्हें गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है।
CJP के प्रवक्ता का आरोप
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने शुरुआत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि अभिजीत दिपके को पुलिस ने पकड़ लिया है। उन्होंने सांसदों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की और आंदोलन के समर्थन की मांग की। संगठन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इसी तरह का दावा साझा किया गया।
Misleading reports are currently circulating on various social media platforms claiming that Abhijit Dipke has been detained by the Delhi Police. It is formally clarified that these allegations are entirely false and he is available on stage.
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 20, 2026
दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों का खंडन करते हुए अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी किया। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अभिजीत दिपके की हिरासत को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। उनके अनुसार, न तो उन्हें हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।
CJP का नया अपडेट
पुलिस द्वारा दी गई सफाई के कुछ समय बाद, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने भी नया अपडेट जारी किया। उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके न तो हिरासत में हैं और न ही उनकी गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी अब भी केरल हाउस के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद हैं और आंदोलन जारी है।
UPDATE: Dipke not in detention or arrest. A HUGE CROWD is still outside Kerala House. https://t.co/NneFV6VMa5
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हजारों छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के सदस्य जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, बार-बार पेपर लीक की घटनाओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च किया।
मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। पुलिस ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की। अब सभी की नजरें CJP की मांगों पर टिकी हैं कि क्या सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी या कोई नया मोड़ सामने आएगा।