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क्या अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर आएगा संकट? कोलकाता नगर निगम ने जारी किया नोटिस

कोलकाता नगर निगम ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी तृणमूल नेताओं की संपत्तियों की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। जानें इस मामले में आगे क्या हो सकता है और संपत्तियों की कानूनी स्थिति क्या होगी।
 

कोलकाता में अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों की जांच


कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी, जो पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं, की संपत्तियों की जांच अब शुरू हो गई है। हाल ही में कोलकाता नगर निगम ने उनकी 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीतिक स्थिति में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में कहा था कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों को तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की संपत्तियों की जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।


KMC द्वारा मांगे गए दस्तावेज

KMC ने मांगे निर्माण से जुड़े दस्तावेज


एक रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों के कथित अवैध हिस्सों के लिए नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में इमारतों के स्केच, लिफ्ट और एस्केलेटर से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस प्राप्त करने वालों को इसे चुनौती देने का अधिकार है और उन्हें यह भी बताना होगा कि अवैध निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए।


नोटिस में क्या कहा गया?

नोटिस में क्या कहा गया?


रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में कहा गया है कि कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400 (1) के तहत आपको आदेश दिया जाता है कि इस इमारत के जितने हिस्से का निर्माण बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ जाकर किया गया है, उसे 7 दिनों के भीतर गिरा दें। बताया गया है कि इसी तरह के नोटिस कुल 17 संपत्तियों के संबंध में जारी किए गए हैं।


संपत्ति मालिकों को मिला पक्ष रखने का मौका

संपत्ति मालिकों को मिला पक्ष रखने का मौका


KMC के सूत्रों के अनुसार, धारा 400 (1) के तहत संपत्ति मालिकों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाता है। यदि किसी निर्माण को अवैध माना जाता है, तब भी संबंधित व्यक्ति अधिकारियों के सामने पेश होकर अपना पक्ष रख सकता है। ऐसे मामलों की सुनवाई कोलकाता नगर निगम मुख्यालय में होती है, जहां विशेष अधिकारी दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हैं।


सुनवाई के बाद क्या हो सकती है कार्रवाई

सुनवाई के बाद क्या हो सकती है कार्रवाई


निगम अधिकारी ने मीडिया से कहा कि सुनवाई के बाद विशेष अधिकारी के पास दो विकल्प होते हैं। वे या तो बिना अनुमति बने हिस्से को गिराने का आदेश दे सकते हैं या फिर भारी जुर्माना लगाकर निर्माण को कानूनी मान्यता दे सकते हैं।


किन इलाकों की संपत्तियां रडार पर

किन इलाकों की संपत्तियां रडार पर


रिपोर्ट के अनुसार, जिन संपत्तियों पर सवाल उठे हैं उनमें ज्यादातर रिहायशी मकान शामिल हैं। ये संपत्तियां कालीघाट, गरियाहाट के पास, पंडिटिया और कुछ अन्य इलाकों में स्थित हैं। बताया गया है कि इनमें से कुछ इमारतों के मालिक खुद अभिषेक बनर्जी, उनके करीबी लोग या उनसे जुड़ी कंपनियां हैं। वहीं कुछ बड़े अपार्टमेंट्स के फ्लैट्स का संबंध भी अभिषेक या उनके नजदीकी लोगों से बताया जा रहा है।