क्या इस साल मॉनसून में होगी बारिश की कमी? जानें मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग का नया अपडेट
नई दिल्ली: गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच, मौसम विभाग (IMD) ने मॉनसून के संबंध में चिंताजनक जानकारी साझा की है। इस वर्ष जून से सितंबर के बीच देशभर में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, जून महीने में कई राज्यों में अत्यधिक गर्मी और हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।
मॉनसून में 10% की कमी की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की कुल वर्षा सामान्य से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि वर्षा केवल 90% या उससे भी कम हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन मध्य भारत, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और प्रायद्वीपीय भारत के अन्य हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम होने की संभावना है। जून में भी पूरे देश में 10% कम वर्षा हो सकती है।
अल-नीनो का प्रभाव
मौसम विभाग ने अल-नीनो की स्थिति बनने की संभावना व्यक्त की है। यह स्थिति मॉनसून के दौरान बनी रह सकती है, जिससे वर्षा पर और असर पड़ेगा। हिंद महासागर में पानी की सतह का गर्म होना भी मॉनसून को प्रभावित कर सकता है।
जून में हीटवेव का अलर्ट
IMD ने चेतावनी दी है कि जून में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हीटवेव चलने की संभावना है। हालांकि, राजस्थान और झारखंड में हीटवेव की तीव्रता कम रहने की उम्मीद है।
मॉनसून की प्रगति
मॉनसून पहले ही श्रीलंका और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों में यह लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। केरल में सामान्य एंट्री की तारीख 1 जून है, लेकिन इस बार इसके जल्दी आने की संभावना है। जून के अंत तक मॉनसून पूरे देश को कवर कर सकता है।
मई में देशभर में सामान्य से 4% अधिक वर्षा हुई थी, लेकिन जून में स्थिति बदल सकती है। किसानों, बिजली विभाग और आम जनता को इस अपडेट के अनुसार तैयारी करनी होगी। कम वर्षा और अधिक गर्मी दोनों ही चुनौतियां बन सकते हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और आगे भी अपडेट आते रहेंगे।