क्या उत्तर भारत की गर्मी से मिलेगी राहत? जानें मॉनसून की संभावनाएं
भीषण गर्मी का सामना कर रहा उत्तर भारत
नई दिल्ली: उत्तर भारत इस समय अत्यधिक गर्मी और लू की चपेट में है। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। इस स्थिति के कारण लोगों के लिए दिन में घर से बाहर निकलना कठिन हो गया है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गर्मी से परेशान लोगों के लिए मॉनसून के आगमन की सुखद खबर दी है।
मॉनसून की दस्तक की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस सप्ताह के अंत तक भारत में प्रवेश कर सकता है। वहीं, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि, उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
बंगाल की खाड़ी में हलचल, मॉनसून के संकेत
IMD ने बुधवार को राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है।
विभाग का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच सकता है। इसे मॉनसून की शुरुआत का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राजस्थान में भीषण गर्मी का अलर्ट
मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक हफ्ते तक पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्म हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी अगले 4 से 5 दिनों तक गर्मी का प्रकोप बना रहने की संभावना है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी
जहां उत्तर भारत गर्मी से झुलस रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 13 से 18 मई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है।
मछुआरों और किसानों के लिए सलाह
खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को 16 मई तक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में पानी निकासी के उचित इंतजाम करें। आम लोगों को भी तेज धूप से बचने, ज्यादा देर बाहर न रहने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है।