क्या जालना में सड़क हादसा था या हत्या की साजिश? जानिए शुभम वाघ की कहानी
सड़क हादसे से हत्या की ओर बढ़ता मामला
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के जालना जिले में एक साधारण सड़क दुर्घटना ने अचानक हत्या का रूप ले लिया है। 26 वर्षीय शुभम येडुबा वाघ की मौत के पीछे की साजिश अब धीरे-धीरे उजागर हो रही है। यह मामला भोकरदन तहसील के वाकडी गांव से संबंधित है और वर्तमान में पुलिस जांच के दायरे में है। 7 जुलाई 2026 की शाम, शुभम अपने खेत की ओर पैदल जा रहा था, तभी वाकडी-भोकरदन रोड पर कैलास चिंचपुरे के खेत के पास एक मोटरसाइकिल ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
इस दुर्घटना में शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर बेहोश पाया गया। उसके परिवार और गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे भोकरदन के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभ में यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना समझी गई।
पिता का आरोप: यह एक हत्या थी
पिता ने हादसे को हत्या मानने से किया इनकार
शुभम के पिता, 54 वर्षीय येडुबा राजाराम वाघ ने इस घटना को एक साधारण हादसा मानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके बेटे की हत्या की गई है। शिकायत में बताया गया है कि शुभम की शादी नवंबर 2024 में पुनम उर्फ छकुली से हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। परिवार को यह भी पता चला कि पुनम का गांव के रवि महादु चिंचपुरे के साथ प्रेम संबंध था।
शुभम ने इस मामले को लेकर पारिवारिक अदालत में भी दावा दायर किया था। 4 जुलाई को रवि ने शुभम को धमकी दी थी कि यदि वह दावा वापस नहीं लेता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कुछ ही दिनों बाद यह हादसा हुआ। पिता का आरोप है कि पत्नी पुनम, रवि और सोपान संजय जाधव ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। सोपान ने ही बाइक से शुभम को टक्कर मारी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में
भोकरदन पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है। पत्नी पुनम वाघ, सोपान जाधव और रवि चिंचपुरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों को अदालत में पेश किया गया और उन्हें 30 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण सोनावणे कर रहे हैं। साजिश और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि शुभम की मौत के पीछे असल में क्या साजिश थी।