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क्या दिल्ली में CJP का प्रदर्शन होगा सफल? जानें क्यों सरकार है चिंतित

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार नई पीढ़ी के युवाओं से डर रही है और आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, फिर भी CJP ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। इस बीच, पार्टी ने चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। क्या यह प्रदर्शन सफल होगा? जानें पूरी जानकारी।
 

CJP का प्रदर्शन और सरकार की चिंता


नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार नई पीढ़ी के युवाओं, जिन्हें Gen Z कहा जाता है, से भयभीत है और देश में आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न कर रही है। CJP ने शनिवार सुबह 10 बजे प्रदर्शन का आयोजन किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति देने से मना कर दिया है। इसके बावजूद, पार्टी ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है।


CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद, उसके कार्यकर्ता प्रदर्शन की योजना पर अडिग हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन की अनुमति पर चर्चा चल रही है।


'अगर इतना डर है तो देश बंद कर दो'

अभिजीत दिपके ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि उसे युवाओं से इतना डर है, तो पूरे देश को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि CJP के कार्यकर्ता शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। दिपके ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के रद्द होने की भी आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि यदि चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती हैं।


'आपातकाल जैसी स्थिति'

CJP नेता सौरव दास ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि कुछ को उनके घरों में नजरबंद किया गया है। दास ने मौजूदा स्थिति की तुलना आपातकाल से करते हुए कहा कि दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। हालांकि, कार्यकर्ताओं की हिरासत और नजरबंदी से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।


CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे पर विपक्षी दल भी विरोध जता रहे हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति न मिलने के बावजूद, पार्टी ने प्रदर्शन की अपील जारी रखी है। अब शनिवार को होने वाले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।